
जब लोगों के पास नए घर खरीदने के पैसे नहीं होते हैं, तो वो अक्सर पुराने घरों को खरीद लेते हैं. पर ऐसा करने में उन्हें पुराने घरों में काफी अनोखी और हैरान करने वाली चीजें मिलती हैं. ऐसा ही अमेरिका के एक कपल के साथ भी हुआ. उन्होंने एक घर खरीदा क्योंकि उसकी कीमत कम थी और उसमें रिपेयर की बहुत जरूरत नहीं थी. पर बाद में उन्होंने तय किया कि घर की दीवारों के इंसुलेशन को सुधारा जाए.
इसके लिए जब उन्होंने दीवार के कुछ ऊपरी हिस्सों को हटाया, तो पीछे उन्हें वयस्कों के लिए मैग्जीन, कांच की पुरानी बोतलें और बोरियां नजर आईं. जब बोरियों को उन्होंने खोला, तो उसके अंदर जो था, उसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई.
डेली स्टार न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार काइजा ब्रेट्जुस (Kaija Bretzius) और उनके पति ब्रायन ने पेंसिलवेनिया में एक सेकंड हैंड घर खरीदा.
घर की कंडीशन अच्छी थी, इस वजह से उन्होंने तय किया कि वो उसे खरीदेंगे क्योंकि उसमें मरम्मत करवाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. पर बाद में उन्होंने सोचा कि घर की दीवारों के इंसुलेशन को सुधारा जाए. ब्रायन ने दीवार के कुछ हिस्सों को खोलना शुरू किया. तब उन्हें दीवार के पीछे काफी अजीबोगरीब चीजें नजर आईं.
दीवार के पीछे से निकले मरे हुए जानवर
सबसे पहले तो उन्हें दीवार में पुरानी ग्लास बोतल दिखीं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ये कोई चौंकाने वाली चीज नहीं थी, इसलिए उन्होंने नजरें दौड़ाईं. तब उन्हें 1980 के दशक की कुछ मैग्जीनें मिलीं जो वयस्कों के लिए थीं. ये उनके लिए काफी चौंकाने वाली बात थी. फिर उन्होंने दीवार के ज्यादा अंदर तलाशने की कोशिश की. फ्लैश लाइट से जब तलाशी ली, तो उन्हें पुरानी बोरियां दिखीं. काइजा को ये देखकर बहुत डर लगा, उन्हें लगा कि शायद किसी ने बच्चों की लाशों को उसमें दफनाया है, क्योंकि उसमें से काफी बदबू आ रही थी. पर जब उन्होंने उसे खोला, तो उसमें मरे हुए मुर्गे कागज में लिप्टे थे. उन्हें करीब 20 मरे हुए मुर्गे, और अन्य छोटे जीवों की अस्थियां बोरी में मिलीं. कुछ हड्डियां 1920 से लेकर 1930 तक के अखबारों में लिपटी हुई थीं.
कपल पड़ गए बीमार
जब कपल वो अस्थियां हटा रहे थे, तो बीमार पड़ने लगे. कई दिनों तक उन्हें बुखार हो गया. काइजा को लगता है कि सांस लेने में अस्थियों से बैक्टीरिया उनके शरीर में घुस गए होंगे, जिससे वो बीमार पड़ गए होंगे. उनका मानना है कि इन जानवरों को प्राचीन लोक जादू की रस्म में प्रयोग किया जाता होगा जिसे पॉ-पॉ कहते हैं जो डच मैजिक है. घर खरीदने से पहले उन्होंने घर का सेफ्टी चेक किया था, रेडन टेस्टिंग की थी, पर तब उन्हें कुछ भी नहीं मिला. उन्हें लगा नहीं था कि दीवार में उन्हें मरे हुए जानवर मिलेंगे. इस डैमेज और हेल्थ रिस्क की वजह से उन्हें दीवारों को फिर से बनवाना पड़ा. उनके इंश्योरेंस ने इसकी भरपाई नहीं की. इस वजह से अब तक उन्होंने 20 हजार डॉलर (18 लाख रुपये) लगा दिए हैं. पर रिपेयर अभी भी पूरा नहीं हुआ है.


