
पटना के फुलवारी शरीफ में एम्स गोलंबर के पास जिस छात्रा की कोचिंग सेंटर की छत से गिरकर मौत हुई थी, उस पर बड़ा अपडेट है. दरअसल, इस मामले में मंगलवार को पुलिस के द्वारा क्राइम सीन का रीक्रिएट किया गया. उद्देश्य यही था कि घटना के सभी पहलुओं का वस्तुनिष्ठ परीक्षण किया जा सके. सीन रीक्रिएट करके एसपी भानु प्रताप सिंह ने अहम जानकारी भी दी है.
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार को वैज्ञानिक अनुसंधान की दृष्टि से विशेषज्ञों की राय के आधार पर मृतका के वजन के अनुपात में चार डमी तैयार किए गए थे. इनके माध्यम से घटनास्थल पर क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया गया.
मामले में क्या बोले सीटी एसपी?
इस संबंध में सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप सिंह ने बताया- फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र अंतर्गत एक लड़की की 7वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. उस संबंध में एक एसआईटी का गठन किया गया था. इसमें फुलवारी थाने के साथ-साथ अन्य थानों के भी अनुसंधान करता थे. मंगलवार को क्राइम सीन को रीक्रिएट किया गया. इसमें मृतका के वजन के बराबर की चार डमी थे. इन सभी को एफएसएल की टीम के द्वारा अलग-अलग एंगल से नीचे गिराया गया. अब इसमें विशेषज्ञों की राय ली जाएगी कि उस वक्त क्या-क्या हालात रहे होंगे? जब इसकी रिपोर्ट सामने आएगी तो फिर आगे की जानकारी दी जाएगी.
क्यों पड़ी सीन रीक्रिएशन की जरूरत?
भानु प्रताप सिंह ने यह भी जानकारी दी की इन सभी का वजन मृतका के वजन के ही अनुरूप था. एफएसएल के निर्देश के अनुरूप इसे तैयार किया गया था. उन्होंने कहा कि ये सीन रिक्रिएशन बहुत कारगर होता है. इसमें उन परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिलती है की क्या सिंगल इफेक्ट थी या फिर मल्टीपल इंजरी रही थी या धक्का दिया गया था या मृतक का खुद गिर गई थी. इन सभी के बारे में सीन री क्रिएशन के बाद पुलिस को पता चलेगा. विशेषज्ञों की जो राय होती है उसके बाद पुलिस आगे की जांच करती है.
उन्होंने ये भी बताया कि सीन रिक्रिएशन की जरूरत इसलिए पड़ी कि यह देखा जाता है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आई थी तब सेक्शुअल असॉल्ट की पुष्टि नहीं हुई थी. लेकिन ये भी प्रश्न उठता था कि क्या किसी ने धक्का दिया है या मृतका ने खुद ही वहां से छलांग लगाई थी? इस पर क्लीएरिटी तभी आएगी जब वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य के आधार पर चीज क्लेरिफाई होंगी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उसी को ध्यान में रख करके इसका सीन क्रिएशन किया गया था. इस सीन रिक्रिएशन के बाद कई सारे संदेह दूर हो जाएंगे और फिर इसके बाद पुलिस क्वेश्चन फ्रेम करके पूछताछ करेगी. इसके बाद एक्सपर्ट ऑपिनियन सामने आएगा.
चार लोगों को लिया गया था हिरासत में
12 फरवरी को फुलवारी शरीफ थाना अंतर्गत एम्स गोलंबर के समीप एक लड़की की सातवीं मंजिल से गिरने से मृत्यु होने की सूचना सामने आई थी. फुलवारी थाना अंतर्गत हरी नगर स्थित सुमित्रा हाइट्स अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल की छत से गिरकर बारहवीं कक्षा की एक 16 वर्ष की छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई थी. छात्रा के सीढ़ियों से छत पर जाने और गिरने की घटना वहां लगे सीसीटीवी कमरे में कैद हो गई थी. इसके बाद अपनी जांच को बढ़ाते हुए पुलिस ने शक के आधार पर अपार्टमेंट में काम करने वाले बढ़ई और गार्ड समेत चार लोगों को हिरासत में लिया था.
ये जानकारी भी सामने आई थी कि पुलिस के अनुसार पूछताछ में इस मामले में उनका कोई रोल सामने नहीं आया था. परिजनों के द्वारा भी छात्रा के साथ गलत किए जाने की आशंका के बाद पुलिस ने एम्स के मेडिकल बोर्ड से छात्रा का पोस्टमार्टम भी कराया था. जिसमें छात्र से दुष्कर्म अथवा यौन शोषण की बात सामने नहीं आई थी. इस पूरे मामले की जांच को लेकर के 11 सदस्यों की एसआईटी का गठन किया गया था, जो कि हर पहलू की जांच कर रही है. इसी जांच के क्रम में मंगलवार को डमी को गिरा करके सीन रीक्रिएट किया गया.




