
लखनऊ शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मेट्रो परियोजना को एक नई रफ्तार मिली है. भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) से 2,883.93 करोड़ के बाहरी लोन को हरी झंडी दे दी है. यह मंजूरी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रस्ताव पर दी गई है, जो भारत सरकार की संप्रभु गारंटी के साथ लिया जाएगा.
कुल परियोजना लागत 5,801.05 करोड़ की है, और इस फंडिंग से निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह कॉरिडोर लखनऊ मेट्रो के फेज-1बी का हिस्सा है, जो चारबाग से वसंत कुंज तक 11.165 किलोमीटर लंबा होगा. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसमें 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं, जो पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों जैसे अमीनाबाद, हजरतगंज और दुर्गापुरी को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे.
चारबाग स्टेशन पर यह मौजूदा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को आसान इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी. UPMRC के अनुसार, इससे शहर की शहरी गतिशीलता मजबूत होगी और लाखों लोगों का रोजाना सफर सुगम बनेगा. मंजूरी प्रक्रिया में आर्थिक कार्य विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक अहम रही, जहां नीति आयोग, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय समेत अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
दो प्रमुख सिविल निर्माण टेंडर जारी
उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव मनोज कुमार ने प्रस्ताव पेश किया, जबकि UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने परियोजना की डिटेल्स और फाइनेंशियल प्लान साझा किया. UPMRC ने पहले ही दो प्रमुख सिविल निर्माण टेंडर जारी कर दिए हैं, और बाकी प्रक्रियाएं जारी हैं. कॉरपोरेशन ने पहले लखनऊ, कानपुर और आगरा में यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक के सहयोग से मेट्रो प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे किए हैं.
लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा
NDB से यह नई साझेदारी उत्तर प्रदेश में मेट्रो विस्तार के फाइनेंशियल फ्रेमवर्क को और मजबूत करेगी. UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा- ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर से लखनऊ शहर में आवागमन और अधिक सुगम होगा तथा लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा. बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. हम पूर्व की परियोजनाओं की तरह इस प्रोजेक्ट को भी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करेंगे. यह विकास लखनऊ की तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण है.


