पाकिस्तान की राजनीति में ड्रामा कभी खत्म होने का नाम नहीं लेता, लेकिन इस बार मामला काफी गंभीर और डरावना नजर आ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन, अलीमा खान ने सीधे तौर पर सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर निशाना साधते हुए कुछ ऐसे दावे किए हैं जिनसे सरहद पार की सियासत में उबाल आ गया है।
अलीमा खान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जब वह हाल ही में अपने भाई से जेल में मिलीं, तो इमरान खान ने उनसे बहुत ही परेशान करने वाली बात कही। उनके मुताबिक, इमरान ने कहा, “तुम्हें पता है, आसिम मुनीर मुझे जेल में खत्म करना चाहते हैं।” अलीमा का कहना है कि शुरुआत में परिवार इन बातों को सार्वजनिक करने से हिचक रहा था। उन्हें लगा कि बिना किसी ठोस सबूत के इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति पर आरोप लगाना ठीक नहीं होगा। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें चुप रहना और भी खतरनाक लग रहा है।
इमरान खान को दी जा रही है ‘स्लो पॉइजनिंग’?
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ है ‘स्लो पॉइजनिंग’ (धीरे-धीरे जहर देना) का आरोप। अलीमा खान ने सवाल उठाया कि एक इंसान जो जेल जाने से पहले एकदम फिट और तंदुरुस्त था, अचानक उसकी सेहत इतनी कैसे बिगड़ सकती है?इसी बात पर अलीमा का यह भी दावा है कि कई डॉक्टरों ने निजी तौर पर परिवार को आगाह किया है कि अचानक बिगड़ी तबीयत का एक कारण धीमा जहर भी हो सकता है।
हालांकि, उनके पास इस बात को साबित करने के लिए कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, कोई सबूत नहीं, पर डर पूरा है क्यूंकि उनका कहना है कि उन्हें बार-बार इस खतरे के बारे में चेतावनी मिली है।
इमरान खान का परिवार अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे जेल प्रशासन की बातों पर भरोसा नहीं करेंगे। उनकी मुख्य मांगें ये हैं कि इमरान खान का चेकअप किसी प्रतिष्ठित और स्वतंत्र अस्पताल में कराया जाए और जांच के दौरान उनके निजी डॉक्टर (जो उनकी मेडिकल हिस्ट्री जानते हैं) वहां मौजूद रहें। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। साथ ही यह पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
हम सब जानते हैं कि 2022 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से इमरान खान और पाकिस्तान की ताकतवर मिलिट्री के बीच ‘छतीस का आंकड़ा’ रहा है। इमरान और उनकी पार्टी (PTI) शुरू से ही इन मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताते आए हैं। लेकिन अब बात जेल की सलाखों से आगे बढ़कर जान के खतरे तक पहुंच गई है।
पाकिस्तान की राजनीति फिलहाल एक ऐसे मोड़ पर है जहां आरोप-प्रत्यारोप अब निजी हमलों और जान के खतरे तक पहुंच गए हैं। क्या इमरान खान को उनकी पसंद के डॉक्टरों से मिलने दिया जाएगा? यह देखना अभी बाकी है।


