
दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड का खुलासा हो गया है. 25 फरवरी की सुबह चंदन पार्क, सिरसपुर इलाके में एक घर से 30 साल की महिला अनीता और उसकी 3 मासूम बेटियों (उम्र 3, 4 और 5 साल) की लाशें बरामद हुई थीं. इन चारों के गले किसी तेज धारदार हथियार से काटे गए थे. इस सहमा देने वाली वारदात के बाद से ही पति मुंचुन केवट उर्फ आशीष फरार था और वही इस मामले का मुख्य आरोपी निकला.
एफआईआर और जांच की शुरुआत
इस मामले में समयपुर बादली थाने में एफआईआर दर्ज की गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने बड़ी टीम गठित की. पुलिस ने मामले की तह में जाने के लिए तकरीबन 800 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का भी सहारा लिया. आरोपी की लोकेशन का पीछा करते हुए टीमें बिहार, तमिलनाडु और राजस्थान तक पहुंचीं.
महज 72 घंटे में गिरफ्तारी
लगातार 72 घंटे की तलाश के बाद आरोपी को राजस्थान के किशनगढ़ से पकड़ लिया गया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. आरोपी के मुताबिक वह भारी कर्ज में डूबा था और पैसों को लेकर घर में अक्सर भी झगड़े होते रहते थे. 23 फरवरी को मिथिलेश नाम के व्यक्ति से पैसों को लेकर उसकी कहासुनी हुई थी. इसी के बाद उसने पत्नी को मारने का मन बना लिया. उसने 90 रुपये में फल काटने वाला चाकू खरीदा और घर में छिपा दिया.
हत्याकांड का सिलसिला
24 फरवरी की रात फिर पति-पत्नी में झगड़ा हुआ था. 25 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे उसने सो रही पत्नी का गला काट दिया. बड़ी बेटी के जागने पर उसने उसे भी मार डाला और फिर बाकी दोनों बच्चियों की भी बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी ने खुद को भी मारने की कोशिश करने की बात कही, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया. इसके बाद वह मौके स फरार हो गया और अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा.
कर्ज, सट्टा और पुराने मामले
जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन और ऑफलाइन जुआ खेलता था, क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाता और तीन पत्ती भी खेलता था. पिछले महीने उसने ससुराल वालों से 2 लाख रुपये उधार भी लिए थे, जिनमें से 60 हजार रुपये उसने मिथिलेश को चुकाए और 40 हजार रुपये अदरक के कारोबारी को दिए. जबकि एक लाख रुपये सट्टेबाजी में हार गया. साल 2025 में वह आदर्श नगर थाने में चोरी के एक मामले में भी शामिल पाया गया था. आरोपी मूल रूप से बिहार के पटना जिले का रहने वाला है और सब्जी मंडी में काम करता था. वह चेन्नई और अजमेर में भी मजदूरी कर चुका है.
हिरासत और आगे की कार्रवाई
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है. पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और पूरे मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है. डीसीपी आउटर नॉर्थ हरेश्वर स्वामी ने कहा कि अलग-अलग यूनिट्स के बीच बेहतर तालमेल और आधुनिक तकनीक की मदद से आरोपी को जल्दी पकड़ना संभव हो सका. पुलिस का कहना है कि इस जघन्य वारदात के पीछे के हर पहलू की बारीकी की जा रही है.




