
आज के समय में नस पर नस चढ़ना (Muscle Cramps) या मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या बहुत आम हो गई है। कई लोगों को रात में सोते समय अचानक पैरों में तेज दर्द या ऐंठन होने लगती है। टांगों और पिंडलियों में मीठा-मीठा दर्द, जलन, सुन्नपन, झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास भी हो सकता है। अक्सर लोग इस समस्या के लिए तुरंत दर्द की दवा (पेन किलर) ले लेते हैं, लेकिन असल में यह समस्या शरीर में किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है।
पहले के समय में लोग अधिक शारीरिक मेहनत करते थे, पैदल चलते थे, खेतों में काम करते थे और उनके शरीर के रिफ्लेक्स पॉइंट्स अपने-आप सक्रिय रहते थे। इसी कारण उनकी मांसपेशियां मजबूत रहती थीं और इस तरह की समस्याएं बहुत कम होती थीं। आज की जीवनशैली में लंबे समय तक बैठना, मोबाइल या लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करना, गलत तरीके से बैठना-उठना या लंबे समय तक खड़े रहना भी नस चढ़ने का कारण बन सकता है।
हमारे शरीर में लगभग 650 मांसपेशियां होती हैं और इनमें से करीब 200 मांसपेशियां मसल स्पाज्म (Muscle Spasm) या मसल नॉट की समस्या से प्रभावित हो सकती हैं। जब शरीर के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह या बायो-इलेक्ट्रिसिटी सही से नहीं पहुंचती तो उस जगह दर्द या ऐंठन महसूस होने लगती है। यही कारण है कि कभी-कभी अचानक नस चढ़ने से तेज दर्द हो जाता है।
नस पर नस चढ़ने के मुख्य कारण
नस चढ़ने की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे शरीर में पानी की कमी, सोडियम-पोटेशियम या मैग्नीशियम की कमी, मधुमेह, अत्यधिक शराब का सेवन, पोषण की कमी, ज्यादा मेहनत या एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठे रहना। इसके अलावा कुछ दवाइयां, नसों की कमजोरी, धूम्रपान, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और रक्त प्रवाह का कम होना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है।
इसके सामान्य लक्षण
नस चढ़ने की समस्या में कई प्रकार के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। जैसे हाथ-पैर सुन्न होना, मांसपेशियों में खिंचाव, गर्दन या कंधे में दर्द, पैरों में ऐंठन, शरीर में सुई चुभने जैसा एहसास, कमजोरी, थकान और चलने में संतुलन बिगड़ना। कई बार रात को सोते समय अचानक पैरों में तेज दर्द के साथ ऐंठन हो जाती है जिससे व्यक्ति तुरंत उठ बैठता है।
नस चढ़ने के कुछ आसान घरेलू उपाय
अगर अचानक नस चढ़ जाए तो एक आसान उपाय है कि जिस पैर में नस चढ़ी है उसी तरफ के हाथ की बीच वाली उंगली के नाखून के नीचे वाले हिस्से को दबाएं और छोड़ें। कुछ समय तक ऐसा करने से राहत मिल सकती है।
दूसरा उपाय यह है कि शरीर को दो हिस्सों में कल्पना करें और जिस हिस्से में नस चढ़ी हो उसके विपरीत तरफ कान के नीचे वाले जोड़ पर उंगली से हल्का दबाव देकर ऊपर-नीचे करें। लगभग 10 सेकंड तक ऐसा करने से ऐंठन कम हो सकती है।
इसके अलावा प्रभावित जगह पर हल्की मालिश करें, ठंडी या गर्म सिकाई करें, पैरों को ऊंचाई पर रखें और आराम करें। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखकर सोना भी काफी फायदेमंद माना जाता है।
खान-पान का रखें खास ध्यान
नस चढ़ने की समस्या से बचने के लिए अपने भोजन में पोषक तत्वों को शामिल करना बहुत जरूरी है। रोजाना नींबू पानी, नारियल पानी और मौसमी फल जैसे सेब, अनार, पपीता और केला खाएं। हरी सब्जियां जैसे पालक, गाजर, चुकंदर और टमाटर भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।
इसके अलावा रोजाना 2-3 अखरोट, 5-10 बादाम, कुछ किशमिश और पिस्ता खाने से शरीर को जरूरी मिनरल्स मिलते हैं जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
जरूरी सावधानियां
नस चढ़ने की समस्या से बचने के लिए शराब, तंबाकू और सिगरेट का सेवन कम या बंद करें। आरामदायक जूते पहनें, रोजाना हल्की एक्सरसाइज या सैर करें और अपने वजन को नियंत्रित रखें। फाइबर युक्त भोजन करें और ज्यादा मैदा या रिफाइंड फूड से बचें।





