ताने सहे-गालियां सुनी! भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाते ही किस पर भड़के कोच गंभीर?..

अहमदाबाद: न वो जाना-पहचाना गुस्सा कहीं नजर आ रहा था और न ही वो चिड़चिड़ा चेहरा! टीम इंडिया के वर्ल्ड चैंपियन बनते ही मैदान पर पहुंचे गौतम गंभीर खुश नजर आ रहे थे. बाद में जब वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तब भी मुस्कुरा रहे थे. शायद सूर्यकुमार यादव की संगति का आनंद ले रहे थे. बीच-बीच में टी-20 विश्व कप ट्रॉफी पर नजर डाल रहे थे, इस बीच एक ऐसा सवाल आया, जिसके बाद वह अपनी भड़ास निकालने से खुद को रोक नहीं पाए. बीते महीनों में गंभीर को जो-जो झेलना पड़ा, उन्होंने आराम से एक-एक सवालों का कड़े शब्दों के साथ जवाब दिया.

साफ शब्दों में दिया दुनिया को जवाब
बकौल गौतम गंभीर भले ही उनका प्लानिंग और काम करने का तरीका औरों को समझ न आता हो, लेकिन इसके पीछे एक लंबी सोची-समझी स्ट्रेटजी थी. गंभीर ने प्रेस कांफ्रेंस में साफ कह दिया, ‘मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के लिए नहीं है. मेरी जवाबदेही उन 30 लोगों के लिए है जो चेंज रूम में हैं.’ देखा जाए तो बात में दम भी है. भले ही गौतम गंभीर की कोचिंग में टेस्ट टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा हो, लेकिन वाइट बॉल फॉर्मेट में पिछले 12 महीनों में उन्होंने तीन बड़ी ट्रॉफी जीती है.

मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के लिए नहीं है. मेरी जवाबदेही उन 30 लोगों के लिए है जो चेंज रूम में हैं. कोच टीम से बनता है. खिलाड़ियों ने मुझे वह कोच बनाया, जो मैं हूं. मैं यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं. राहुल भाई को भारतीय टीम को इस मुकाम तक लाने के लिए और लक्ष्मण को सीओई में खिलाड़ियों की पाइपलाइन बनाने के लिए. अजीत अगरकर ने काफी आलोचना झेली और पूरी ईमानदारी से काम किया. जय भाई ने मेरे कार्यकाल के सबसे खराब दौर में मुझे फोन किया. सूर्या ने मेरा काम आसान कर दिया. वह पितातुल्य कप्तान की तरह है. बड़ा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है, उपलब्धियां नहीं. हमने कई साल तक उपलब्धियों का जश्न मनाया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मैं आप लोगों से आग्रह करूंगा कि निजी उपलब्धियों का जश्न मनाना छोड़ें.

दो-दो आईसीसी ट्रॉफी वाले एकमात्र इंडियन कोच
गौतम गंभीर का बतौर हेड कोच ट्रॉफी जीतने का सिलसिला पिछले साल मार्च में दुबई में 50 ओवर के चैंपियंस ट्रॉफी से शुरू हुआ, सितंबर में यूएई में ही आयोजित टी-20 एशिया कप में भी जारी रहा और अब टी-20 विश्व कप में समाप्त हुआ, जिसे भारत ने अभूतपूर्व तीसरी बार जीता और लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाला पहला देश और घरेलू मैदान पर फाइनल तक पहुंचने वाला पहला देश बना.

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