स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का पासपोर्ट जब्त करने और उनकी निगरानी बढ़ाए जाने की मांग की गई है। मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनके विदेश भागने के फिराक में होने का दावा किया है।

प्रयागराज: बटुकों के साथ कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने सोमवार को प्रयागराज की पॉक्सो (POCSO) अदालत में एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पासपोर्ट जब्त करने और उनकी निगरानी बढ़ाए जाने की मांग की है।
अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देश छोड़कर विदेश जाने की पूरी तैयारी में हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, “हाई कोर्ट ने केवल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, लेकिन जांच को प्रभावित नहीं करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ऐसे में वह जिला कैसे छोड़ सकते हैं?”
विदेश भागने की फिराक में होने का दावा
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया, “स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विदेश भागने की फिराक में हैं, इसलिए हमने माननीय अदालत से कहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपना जिला कैसे छोड़ सकते हैं? हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि वह जांच प्रभावित नहीं करेंगे। हाई कोर्ट ने केवल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।”
उन्होंने कहा, “माननीय अदालत ने हमारी सारी बातें सुनीं और निर्णय सुरक्षित रख लिया। हमने अदालत को बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विदेश जाने की पूरी तैयारी में हैं, इसलिए इन्हें रोका जाए और इनकी निगरानी की जाए। हमने अदालत से यह अनुरोध भी किया कि विदेश जाने के लिए जो भी आवश्यक दस्तावेज हैं, जैसे पासपोर्ट आदि, उसे जांच अधिकारी के पास या अदालत में जमा कराया जाए।”
उन्होंने कहा, माननीय अदालत में मेरे ऊपर किए गए हमले का भी स्वतः संज्ञान लिया है। बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार सुबह सिराथू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में एक अज्ञात व्यक्ति ने किसी धारदार हथियार से कथित तौर पर हमला कर दिया था। इस मामले में उनकी तहरीर पर प्रयागराज में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


