‘हम हिंदुओं को टीका नहीं लगाते’, बदायूं के अस्पताल में धर्म पूछकर इलाज, लोगों ने काटा बवाल!

उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक सरकारी अस्पताल में बच्चे के टीकाकरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि एएनएम ने एक हिंदू महिला से उसका धर्म पूछकर बच्चे को टीका लगाने से मना कर दिया और कहा ‘हम हिंदुओं को टीका नहीं लगाते’. महिला को धक्का मारकर अस्पताल से बाहर निकालने का भी आरोप है. इस घटना से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है.

‘हम हिंदुओं को टीका नहीं लगाते’, बदायूं के अस्पताल में धर्म पूछकर इलाज, लोगों ने काटा बवाल

बदायूं के अस्पताल में बवाल

उत्तर प्रदेश के बदायूं के एक सरकारी अस्पताल से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. आरोप है कि इस अस्पताल में अपने बच्चे का टीका लगवाने आई एक महिला को धक्का देकर बाहर कर दिया गया. इससे पहले महिला से उसका धर्म और जाति पूछी गई. इसके बाद वहां एएनएम ने साफ कह दिया कि ‘हम हिंदुओं को टीका नहीं लगाते’. खबर मिलते ही हिंदू संगठनों ने खूब बवाल काटा है. इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को शिकायत भी दी गई है.

मामला बदायूं के दातागंज सीएचसी का है. जानकारी के मुताबिक इस अस्पताल में एक हिंदू महिला बच्चे का टीका लगवाने पहुंची थी. सीएचसी में तैनात एएनएम ने पहले उस महिला का नाम और जाति पूछा. इसके बाद टीका लगाने से इनकार कर दिया. महिला का आरोप है कि उसने विरोध किया तो एएनएम और वहां तैनात अन्य कर्मचारियों ने धक्के मारते हुए उसे अस्पताल से बाहर कर दिया. इसमें वह बुरी तरह से जख्मी भी हो गई.

हिंदू संगठनों ने काटा बवाल

घटना की जानकारी होने पर हिंदू संगठनों ने अस्पताल में पहुंच कर जमकर बवाल काटा. विश्व हिंदू परिषद के मंडल अध्यक्ष हिमालयन अग्रवाल ने पीड़िता को साथ लेकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात की. अपना आक्रोश जाहिर किया और आरोपी एएनएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीड़िता के पिता से शिकायती पत्र भी दिया है. इस दौरान मौके पर पहुंचे विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में खूब हंगामा किया.

डॉक्टर ने खारिज किए आरोप

हिंदू संगठनों ने आरोपी एएनएम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की. चेतावनी दी कि कार्रवाई ना होने पर अस्पताल में घेराव और धरना प्रदर्शन किया जाएगा. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उधर, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रिदेश भसीन ने आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पीड़िता का प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है. मामला निराधार है फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी.

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