जहां एक तरफ मिडिल ईस्ट में भीषण तनाव है और स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर बढ़ते खतरा जो कि दुनिया के लिए एक ऊर्जा का संकट खड़ा कर रहा है। इन सबके बीच भारत ने मास्टर स्ट्रोक चलते हुए इस संकट का हल निकाल लिया है। जिसके बाद से यह ऐलान हुआ कि स्टेट ऑफ हार्मोस से भारत के जहाज गुजरेंगे और एक के बाद एक कई भारतीय जहाज स्टेट ऑफ हार्मोस पार करके भारत पहुंच चुके हैं। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलासा किया कि ईरान के साथ सीधे संवाद और कूटनीति के जरिए भारत ने हॉर्मोन संकट के बीच अपने जहाजों की आवाजाही को सुनिश्चित कर लिया है। दरअसल स्टेट ऑफ हॉर्मोस इस समय दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री जगहों में से एक है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले तेल और गैस के जहाजों पर खतरा मंडरा रहा है। इस इलाके में कई जहाजों के ऊपर ड्रोन अटैक हो चुके हैं। जिसके बाद वह जहाज डूब गए।
भारत को सबसे ज्यादा एलपीजी गैस बेचने वाले मुस्लिम देश कतर पर ईरान ने हमला कर दिया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ईरान ने क़तर में एलपीजी गैस रिफाइनरीज को टारगेट किया जिसकी वजह से क़तर को एलपीजी गैस का प्रोडक्शन रोकना पड़ गया। भारत जो एलपीजी गैस इंपोर्ट करता है उसका करीब 42% हिस्सा कतर से ही आता है। दूसरे नंबर पर भारत संयुक्त अरब अमीरात से एलपीजी गैस इंपोर्ट करता है। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात पर भी ईरान के हमले लगातार जारी है। आपको बता दें कि भारत के कुल एलपीजी इंपोर्ट्स का 62% हिस्सा क़तर और संयुक्त अरब अमीरात से ही आता है। लेकिन इन दोनों देशों से सप्लाई ठप हो गई है। मगर मामला बिगड़ने से पहले ही मोदी सरकार ने एलपीजी को लेकर एक जबरदस्त खेल शुरू कर दिया। सबसे पहले तो देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन को बढ़ाने के लिए आदेश दे दिए गए। तो वहीं मोदी सरकार का प्लान बी भी एक्टिवेट हो गया है।
क़तर से एलपीजी आनी बंद हुई तो भारत कुछ और देशों के पास पहुंच गया और अब इन देशों से भारत में एलपीजी आनी शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने तुरंत अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे से लेकर कनाडा समेत कई अन्य देशों से एलएनजी और एलपीजी गैसों को खरीदना शुरू कर दिया है। इन देशों से अब एलपीजी गैस की अतिरिक्त खेपे भारत पहुंचने भी लगी हैं। इसी बीच रूस ने भी एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि हम भारत को एलएनजी गैस बेचने के लिए तैयार हैं। पार्टी इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में रूसी राजदूत डेनिस एलिपोव ने एलएनजी गैस को लेकर एक बहुत बड़ा ऐलान कर दिया। डेनिस एलिपोव ने कहा है कि अगर भारत चाहे तो हम भारत को एलएनजी गैस बेचने के लिए तैयार हैं। मजे की बात देखिए कि कुछ दिन पहले ही रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों की अकड़ निकालते हुए कहा था कि अगर यूरोपीय देश रूस पर प्रतिबंध लगाने की सोचेंगे तो हम यूरोपीय देशों की एलएनजी सप्लाई को भी रोक सकते हैं।
लेकिन इसी कड़ी में रूस ने अपने पक्के दोस्त भारत को एलएनजी गैस देने की पेशकश कर दी है। आपको बता दें कि ऐसी ही क्राइसिस सिचुएशन से निपटने के लिए मोदी सरकार पिछले कुछ समय से निर्यात डेस्टिनेशंस को बढ़ाने का काम कर रही है और अब मोदी सरकार का यही प्लान सफल होता दिख रहा है। बहरहाल जिस वक्त स्टेट ऑफ हॉर्मोस की वजह से 85 देशों को तेल और डीजल के दाम बढ़ाने पड़ गए हैं उसी समय भारत अभी भी ग्लोबल प्रेशर के सामने टिका हुआ है। पाकिस्तान, चीन और अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों ने पेट्रोल और डीजल के दामों को बढ़ा दिया है। लेकिन भारत ने अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं। इसी बीच भारत को एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत भी मिल गई है। भारत ने पश्चिम एशिया में भीषण तनाव के बीच स्टेट ऑफ हॉर्मोस का रास्ता सुरक्षित कर लिया है।


