बंगाल में ओपिनियन पोल ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन, ममता बनर्जी को चुनाव जिताएगा ‘कैप्सूल-7’ ?!


पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बज चुका है. 24 घंटे के अंदर ही ममता के करीबी समझे जाने वाले कई अफसरों के तबादले भी शुरू हो गए. डीजी, एडीजी से लेकर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर हटा दिए गए हैं. चार राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में अकेले बंगाल ही है, जहां दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट कई बार कह चुका है कि चुनावी फायदे के लिए बांटी जा ही फ्रीबीज (मुफ्त सुविधाओं और पैसे) की जगह सरकारों को रोजगार पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए लेकिन लगभग सारी सरकारें इसी ढर्रे पर चल पड़ी हैं जैसे चुनाव जीतने का बस यही फॉर्मूला हो.

फिलहाल बात पश्चिम बंगाल की. पिछले चुनाव में ही ममता बनर्जी को हटाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन असफल रही. इस बार भी तैयारी पूरी है. हमले अभी से शुरू हो गए हैं. ममता भी अपने वफादार वोटर बेस के साथ-साथ लाभार्थियों के दम पर चुनाव जीतने के लिए आश्वस्त दिख रही हैं. इधर चुनाव की घोषणा के बाद आए IANS-Matrize के ओपिनियन पोल ने अलग सरगर्मी बढ़ा दी. इस सर्वे की मानें तो ममता सरकार फिर आ रही है और टीएमसी 170 सीटें जीत सकती है. भाजपा अपने सहयोगियों के दम पर 100-115 पर पहुंच सकती है. पहले ओपिनियन पोल देखिए फिर उन फ्रीबीज और योजनाओं की बात करेंगे जो चुनावी समर में ममता के लिए जिताऊ कार्ड बनकर उभरे हैं.

बंगाल चुनाव से पहले ओपिनियन पोल
TMC: 155–170
NDA: 100–115
अन्य: 5–7

वोट शेयर का अनुमान
TMC: 43–45%
NDA: 41–43%
अन्य: 13–15%

भाजपा के लिए अच्छी बात, एक चिंता भी

– ओपिनियन पोल को देखें तो भाजपा का वोट शेयर और सीटें दोनों बढ़ती दिख रही हैं. पिछली बार वोट शेयर में अंतर 10 फीसदी का था, इस बार 2-3 प्रतिशत का रह सकता है. पिछली बार टीएमसी ने 213 और भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं.

हां, भाजपा के लिए चिंता की बात यही है कि ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए उस कद का नेता नहीं है. इधर ममता ने तमाम योजनाओं और फ्रीबीज से चुनाव जीतने की अपनी रणनीति बना ली है. इसे आप ‘कैप्सूल-7’ कह सकते हैं.

विधानसभा चुनाव जीतने के लिए ममता ने क्या किया?

1. लक्ष्मी भंडार योजना- दो साल पहले मासिक मदद बढ़ा दी गई. एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1200 और सामान्य महिलाओं को 1000 रुपये महीने मिल रहे हैं.
2. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बंगाल युवा साथी- इसके तहत बेरोजगार युवाओं को (21 से 40) 5 साल तक 1500 रुपये महीने बेरोजगारी भत्ता देने की योजना है. 1 अप्रैल 2026 से यह प्रभावी होगी, मतलब वोटिंग से ठीक पहले.
3. योग्यश्री योजना- इसमें एससी-एसटी स्टूडेंट्स को मेडिकल, इंजीनियरिंग और सरकारी नौकरियों की तैयारियों के लिए मुफ्त ट्रेनिंग दी जा रही है.

4. मंदिर और मस्जिद के लिए- इसी महीने ममता बनर्जी ने चुनाव की घोषणा से कुछ घंटे पहले हिंदू पुजारियों और मस्जिद के मुअज्जिनों के मंथली मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर दी. अब यह 2000 रुपये हो गया है.
5. महंगाई भत्ता बढ़ा- चुनाव से पहले मार्च के महीने से ही राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए बकाए को मंजूरी दे दी गई.

6. मुफ्ती बिजली और राशन- 75 यूनिट तक तिमाही बिजली खपत पर फ्री बिजली और 12 महीने मुफ्त राशन की घोषणा हुई है.

7. इसके अलावा कन्याश्री के तहत लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय मदद, रूपश्री के तहत शादी के समय 25 हजार की सहायता, स्वास्थ्य साथी के तहत 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा फ्री और गतिधारा में बेरोजगार युवाओं को व्यावसायिक वाहन खरीदने पर सब्सिडी दी जा रही है.

अब भाजपा को ममता के किले को भेदना है तो विधानसभा चुनाव 2026 में इन 7 प्वाइंट्स की काट ढूंढनी होगी. इसके अलावा ममता का मुस्लिम वोटर 20-25 पर्सेंट से ज्यादा शायद ही छिटके. मुस्लिम आबादी 25 प्रतिशत के करीब है.

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