
Ali Larijani killed: मिडिल ईस्ट में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. ईरान के टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी की मौत के बाद वहां के हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. सरकार के बड़े नेताओं से लेकर आम लोगों तक हर कोई गुस्से में है और बदले की बात खुलकर सामने आ रही है. समझते हैं पूरी बात.
हमले में अली लारिजानी और बेटे की मौत, ईरान ने की पुष्टि
अली लारिजानी, जो सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव थे, सोमवार देर रात हुए हमले में अपने बेटे मोर्तेजा लारिजानी और डिप्टी अलीरेजा बयात के साथ मारे गए. इस हमले में कई अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी जान चली गई. इस घटना को ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
अली लारिजानी को ‘शहादत’ बताकर दी गई ईरान में श्रद्धांजलि, राष्ट्रपति का भावुक बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने आधिकारिक शोक संदेश में गहरा दुख जताते हुए लारिजानी को “नेक, कीमती और बेहद करीबी साथी” बताया. उन्होंने कहा कि लारिजानी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक के अलग-अलग दौर में अहम जिम्मेदारियां निभाईं और देश को मजबूत किया. राष्ट्रपति ने उनके साथ अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनमें “अच्छी नीयत, गहरी समझ और दूरदर्शिता” देखी. प्रेस टीवी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा कि लारिजानी की मौत उनके जीवनभर के संघर्ष का “इनाम” है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे व्यक्तित्व की कमी पूरी करना आसान नहीं होगा. उनके मुताबिक, लारिजानी का नाम अब क्रांति के महान नेताओं इमाम खुमैनी, इमाम खामेनेई और इस्लामिक क्रांति के महान गुरु, शहीद मुर्तजा मोताहारी जैसे लोगों के साथ शामिल हो गया है, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
‘खून का बदला खून’- ईरान की सख्त चेतावनी
ईरानी नेतृत्व ने हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों को खुली चेतावनी दी है. राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा, “जिन लोगों ने निर्दोषों के खून से अपने हाथ रंगे हैं, उनसे कड़ा और निर्णायक बदला लिया जाएगा.” उन्होंने भरोसा जताया कि ईरान अपने रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा और अंततः जीत उसी की होगी.
अली लारिजानी की मौत पर ईरानी संसद स्पीकर का तीखा बयान
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने भी अली लारिजानी की मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “ऐसी मौत हर किसी के हिस्से में नहीं आती, यह सिर्फ सच्चे और वफादार लोगों को नसीब होती है.” कालिबाफ ने लारिजानी को एक सच्चा देशभक्त और संघर्षशील नेता बताया. उन्होंने कहा कि उनका जीवन और बलिदान ईरान की इस्लामिक क्रांति के इतिहास में एक और “गौरवशाली अध्याय” जोड़ता है. स्पीकर ने आगे कहा कि क्रांति का रास्ता किसी हत्या या हमले से रुकने वाला नहीं है. उनके मुताबिक, यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक “अविश्वास और पाखंड की ताकतों का अंत नहीं हो जाता.” उन्होंने यह भी बताया कि हाल के संघर्षों के बाद जब देश मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब लारिजानी ने सुरक्षा से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी स्वीकार की थी और अपनी मौत तक पूरी निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाते रहे.
अली लारिजानी को अल्लाह ने ‘शहादत का मीठा शरबत पिलाया’
ईरान के न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी एजेई ने भी लारिजानी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्हें अल्लाह ने “शहादत का मीठा शरबत” नसीब कराया है. उनके मुताबिक, यह उनके लंबे संघर्ष और समर्पण का इनाम है. सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, एजेई ने लारिजानी की नेतृत्व क्षमता, फैसले लेने की ताकत, साहस और प्रभावशाली वक्तृत्व की सराहना की. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लारिजानी ने इस्लामिक क्रांति के आदर्शों और मूल्यों के लिए हमेशा त्याग और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया. न्यायपालिका प्रमुख ने यह भी भरोसा दिलाया कि ईरान की सेना और जनता मिलकर इस हमले का जवाब देंगी. उन्होंने कहा कि इस “प्रिय शहीद के पवित्र खून का बदला” उन ताकतों से लिया जाएगा, जिन्हें उन्होंने “अपराधी अमेरिका और बर्बर जायोनी शासन” करार दिया.




