महीनों से जारी सीमावर्ती तनाव और घातक सैन्य हमलों के बीच, दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी देशों- पाकिस्तान और अफगानिस्तान- ने बुधवार को एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। आगामी ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर दोनों देशों ने अपने सैन्य अभियानों को “अस्थायी रूप से रोकने” (Temporary Ceasefire) का निर्णय लिया है। अफगान सरकार द्वारा इस्लामाबाद पर काबुल में एक पुनर्वास अस्पताल पर हमले में 400 लोगों की हत्या का आरोप लगाने के एक दिन बाद यह घोषणा की गई।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सीमावर्ती क्षेत्र में तालिबान के कथित ठिकानों पर उनके देश द्वारा नए हमले किए जाने के कुछ घंटों बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह घोषणा की।
उन्होंने कहा, ‘‘आगामी इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर को देखते हुए, पाकिस्तान ने अपनी पहल पर और सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मित्र इस्लामी देशों के अनुरोध पर जारी अभियान ‘गजब-लिल-हक’ के बीच अस्थायी रोक की घोषणा करने का निर्णय लिया है।’’
तरार ने कहा कि यह विराम 18/19 मार्च की मध्यरात्रि से 23/24 मार्च की मध्यरात्रि तक लागू रहेगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पार से किसी भी हमले, ड्रोन हमले या पाकिस्तान के अंदर किसी भी आतंकवादी घटना की स्थिति में, अभियान तुरंत फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
इसके कुछ घंटों बाद, अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों ने ईद-उल-फितर के अवसर पर और सऊदी अरब, तुर्किये और कतर के अनुरोध पर रक्षा अभियानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि काबुल ‘‘किसी भी तरह के खतरे की स्थिति में किसी भी आक्रामकता का बहादुरी से जवाब देगा।


