
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीन दिन से चली आ रही तेजी का दौर आज थम गया। कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी के कारण बीएसई सेंसेक्स 2496.89 अंक यानी 3.26% की गिरावट के साथ 74,207.24 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 775.65 अंक फिसलकर 23,002.15 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसल गया था जबकि निफ्टी 23,000 से नीचे चला गया था। इस गिरावट से निवेशकों को 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ और बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप गिरकर 427 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इटरनल और एचडीएफसी बैंक में 5 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंटी, इंडिगो और ट्रेंट में चार फीसदी से अधिक गिरावट रही। ब्रॉडर बाजार में भी गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप में 3.19 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.94 फीसदी गिरावट रही। सेक्टरवाइज देखें तो सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा गिरावट रही। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी आईटी में भी गिरावट रही। जानिए क्या रहे आज की गिरावट के मुख्य कारण।
1- तेल की कीमत में तेजी
शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमत में आई उछाल रही। कतर की सरकारी कंपनी कतरएनर्जी ने दावा किया है कि उसके रास लफान एनर्जी फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है। इससे भारी नुकसान हुआ है। साथ ही यूएई ने भी मिसाइल इंटरसेप्ट होने के बाद अपनी गैस फैसिलिटीज को बंद कर दिया है। इससे कच्चे तेल की कीमत करीब 10 फीसदी तेजी के साथ 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
2- अमेरिका में महंगाई
अमेरिका के फेडरल बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि देश में महंगाई उम्मीद के मुताबिक नीचे नहीं आ रही है। बैंक ने महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने और बोरोइंग कॉस्ट में इस साल केवल एक बार कटौती का अनुमान लगाया है। निकट भविष्य में तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई बढ़ने का खतरा है।
3- एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट
मार्केट कैप के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज कारोबार के दौरान 9 फीसदी गिरावट आई। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने रिजाइन दे दिया है। उनकी जगह पूर्व सीईओ केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाया गया है। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि बैंक में कुछ ऐसे काम हो रहे हैं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाते हैं।
4- ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। फेडरल रिजर्व के रेट में कटौती नहीं करने और महंगाई बढ़ने के अनुमानों के कारण ऐसा हुआ। S&P 500 में 1.36% गिरावट आई और यह 6,624.7 अंक पर बंद हुआ। यह इसका चार महीने का न्यूनतम स्तर है। इसी तरह टेक शेयरों वाला नैसडैक भी 1.46% और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.63% गिर गया। आज जापान का निक्केई 2.5%, साउथ कोरिया का कॉस्पी 1% से अधिक गिरा।
5- अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में तेजी
यूएस बॉन्ड यील्ड कई सत्र की गिरावट के बाद चढ़ गया। 10 साल के बॉन्ड पर यील्ड 6.3 बेसिस पॉइंट्स उछलकर 4.265% पहुंच गई। इसी तरह दो साल वाले नोट पर यील्ड 10.2 बेसिस पॉइंट की तेजी के साथ 3.773% पहुंच गया। 10 साल वाले बॉन्ड पर यील्ड में मार्च में करीब 30 बेसिस पॉइंट्स की तेजी आई है जबकि दो साल वाला बॉन्ड 39 बेसिस अंक बढ़ा है। यह अक्तूबर 2024 के बाद इसमें सबसे ज्यादा मासिक उछाल है।
6-एफआईआई की बिकवाली
इस बीच विदेशी निवेशकों का भारत में बिकवाली का सिलसिला जारी है। बुधवार को उन्होंने 2,714 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह लगातार 14वां दिन था जब एफआईआई भारतीय बाजार में नेट सेलर रहे। हालांकि आज का आंकड़ा कल आएगा लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
7-सेंसेक्स वीकली एक्सपायरी
शेयर बाजार में भारी गिरावट की एक बड़ी वजह यह भी रही कि गुरुवार को सेंसेक्स के वीकली डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी थी। अमूमन एक्सपायरी वाले दिनों में बाजार में भारी उतारचढ़ाव देखने को मिलता है। इसकी वजह यह है कि इस दिन ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को एडजस्ट करते हैं।
8-मुनाफावसूली
लगातार तीन दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने आज मुनाफावसूली की। पश्चिम एशिया में लड़ाई जारी रहने के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में इस हफ्ते लगातार तीन दिन तेजी आई थी। इस दौरान सेंसेक्स में करीब 3,000 अंक की तेजी आई जबकि निफ्टी कुछ समय के लिए 23,850 के ऊपर पहुंच गया था।
9-रुपये में गिरावट
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को 92.63 पर पहुंच गया जो इसका ऑल टाइम लो है। हालांकि आज फॉरेक्स मार्केट्स बंद हैं लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर और दबाव बढ़ेगा। इससे भारत का तेल आयात का बिल बढ़ जाएगा और चालू खाते पर दवाब बढ़ेगा।
गोल्ड-सिल्वर में बड़ी गिरावट, चांदी सस्ती सोना भी टूटा
MCX पर चांदी की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, तो वहीं सोना भी करीब 2.50 फीसदी तक फिसला. दोपहर 12 बजे के आसपास Silver Price अचानक तेजी से टूटने लगे थे और 5 मई की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी 12,000 रुपये तक सस्ती हो गई और इसकी कीमत 2.35 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई. दूसरी ओर सोने के भाव में करीब 4500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक कम हो गया और ये 1.50 लाख रुपये के नीचे आ गया





