
Zomato ने अपने यूजर्स के लिए प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है. अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को 12.5 रुपये की जगह 14.9 रुपये देने होंगे. यानी करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. अगर पिछले कुछ सालों पर नजर डालें, तो 2023 में यह फीस सिर्फ 2 रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 15 रुपये तक पहुंच गई है. यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर यूजर्स के बिल को प्रभावित करेगी.
Swiggy के बराबर पहुंची फीस
इस नए बदलाव के बाद Zomato की प्लेटफॉर्म फीस अब अपने बड़े प्रतिद्वंदी Swiggy के करीब पहुंच गई है. Swiggy फिलहाल करीब 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस लेता है, जिसमें GST भी शामिल होता है. इससे साफ है कि दोनों कंपनियां अब फीस के मामले में लगभग एक जैसी रणनीति अपना रही हैं.
हर ऑर्डर पर देना होगा यह चार्ज
प्लेटफॉर्म फीस वह चार्ज होता है जो हर बार ऐप से ऑर्डर करने पर लगाया जाता है. यह डिलीवरी चार्ज से अलग होता है और हर यूजर को देना पड़ता है. इससे पहले सितंबर 2025 में भी फीस बढ़ाई गई थी और अब कुछ महीनों बाद फिर से इसमें इजाफा किया गया है.
क्यों बढ़ रही है फीस
फूड डिलीवरी सेक्टर में ऑपरेटिंग कॉस्ट लगातार बढ़ रही है. इसमें डिलीवरी, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स से जुड़े खर्च शामिल हैं. ऐसे में कंपनियां अपने मुनाफे को बनाए रखने के लिए प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा रही हैं, जिसका असर रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स पर भी पड़ सकता है.
प्लेटफॉर्म फीस से होती है ज्यादा कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लेटफॉर्म फीस कंपनियों के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले हिस्सों में से एक है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस फीस में बहुत कम लागत जुड़ी होती है, इसलिए इसका बड़ा हिस्सा सीधे कंपनी के प्रॉफिट में जाता है. इसी वजह से कंपनियां इस फीस को बढ़ाने से हिचकती नहीं हैं और इसे अब यूजर्स के बिल का एक सामान्य हिस्सा बना दिया गया है.
यूजर्स के व्यवहार में आ सकता है बदलाव
फीस बढ़ने का असर यूजर्स के ऑर्डर करने के तरीके पर भी पड़ सकता है. कई लोग अब एक बार में ज्यादा खाना ऑर्डर कर सकते हैं, ताकि अतिरिक्त चार्ज का असर कम महसूस हो. वहीं कुछ यूजर्स ऑर्डर की संख्या कम कर सकते हैं, खासकर वे जो कीमत को लेकर ज्यादा संवेदनशील हैं.
कंपनियों की नई रणनीति
फूड डिलीवरी कंपनियां अब उन ग्राहकों को भी टारगेट कर रही हैं, जो कम खर्च में ज्यादा वैल्यू चाहते हैं. ऐसे में डिस्काउंट, ऑफर्स और कॉम्बो डील्स के जरिए उन्हें वापस लाने की कोशिश की जा रही है.




