
John Bolton on Indian Petrol: ईरान जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की.लेकिन शायद यह बातचीत अमेरिका के पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन को नागवार गुजरी है. दरअसल कुछ जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करके भारत आ गए हैं या रास्ते में हैं.
‘भारत के दो जहाजों ने पार किया होर्मुज’
पीएम मोदी की ट्रंप से बातचीत पर बोल्टन ने कहा, ‘यह साफ है कि पीएम मोदी ईरान से तेल खरीदना जारी रखना चाहते हैं. आज सुबह भारत के दो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं. लेकिन इससे ईरान को रेवेन्यू मिल रहा है, जिससे वो युद्ध करना जारी रखे हुए हैं. इसलिए मुझे लगता है कि इस बातचीत में ईरान के बजाय तेल खरीदने के अलग विकल्पों पर चर्चा की गई होगी. अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर देना चाहिए ताकि ईरानी तेल लेकर जा रहे जहाज ना तो अंदर आ पाएं और ना ही बाहर जा पाएं.’
‘ट्रंप ने अपने लिए जुटाया वक्त’
जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी पावर प्लांट्स पर हमले को 5 दिन के लिए टाल दिया है, जबकि उनकी बात को ईरान ने खारिज कर दिया है, इस पर जॉन बोल्टन ने कहा, ‘जब हम कहते हैं कि वह (डोनाल्ड ट्रंप) ‘ट्रांजैक्शनल’ हैं, तो इसका मतलब है कि वह रणनीतिक रूप से नहीं सोचते. वह नीति-निर्माण भी उस तरह से नहीं करते, जैसा ज्यादातर लोग समझते हैं. सोमवार सुबह (वॉशिंगटन के समय के अनुसार) उन्होंने देखा होगा कि एशियाई बाजार-जापान और चीन 3.5 प्रतिशत नीचे गिर गए थे; इसलिए, कुछ ही घंटों में न्यूयॉर्क के बाजार खुलने वाले थे और इस डर से उन्होंने सोचा होगा कि मुझे कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मुझे कुछ और समय मिल जाए. यह एक वजह हो सकती है, और साथ ही, वह यह भी देखना चाहते होंगे कि क्या ईरानियों की बातचीत में सचमुच कोई दिलचस्पी है भी या नहीं. इस तरह, उन्होंने शुक्रवार तक के लिए अपने लिए कुछ समय जुटा लिया है.यह बातचीत कभी यथार्थवादी थी भी या नहीं—इसकी असलियत हमें कुछ ही दिनों में पता चल जाएगी.’
‘मुझे नहीं लगता कोई समझौते के आसपास भी है’
बोल्टन ने आगे कहा, ‘मुझे तो यह मानना ही मुश्किल लग रहा है कि कोई भी किसी भी तरह के समझौते के आस-पास भी है.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि ट्रंप ने बिचौलियों के जरिए यह जानने की कोशिश की है कि क्या तेहरान की सरकार के साथ किसी तरह का समझौता हो सकता है. शायद तुर्की, पाकिस्तान या किसी और के जरिए. हमें बस इतना पक्का पता है कि ईरान इस बात से इनकार करता है कि कुछ भी चल रहा है, हालांकि वे कहते हैं कि उन्हें कुछ मैसेज मिले हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अयातुल्लाओं की सरकार इस हमले को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानती है. यह साफ नहीं है कि ट्रंप का मकसद क्या है. मुझे लगता है कि उनका मकसद सरकार बदलना होना चाहिए, लेकिन मुझे पक्का नहीं पता कि उनका मकसद यही है. मुझे लगता है कि ट्रंप इतने ज्यादा लेन-देन वाले इंसान हैं कि हमेशा इस बात का खतरा रहता है कि वे जीत का ऐलान करके वहां से निकलने का कोई न कोई रास्ता ढूंढ लेंगे. इस समय, इसका मतलब हो सकता है होर्मुज स्ट्रेट को खोलना.’





