
ताजनगरी आगरा में 7 वर्षीय मासूम प्रज्ञा की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में फरार चल रहे 25,000 रुपये के इनामी अपराधी सुनील को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया है. बमरौली कटारा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं.
यह हृदयविदारक मामला 24 मार्च को शुरू हुआ था, जब ताजगंज के गोबर चौकी निवासी दिनेश कुमार की बेटी प्रज्ञा घर के बाहर खेलते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी. 25 मार्च को पुलिस की सघन तलाशी के दौरान प्रज्ञा का शव उसी के घर की पहली मंजिल पर रहने वाले किराएदार सुनील के कमरे से बरामद हुआ. आरोपी ने मासूम की हत्या कर शव को आटे के ड्रम में छिपा दिया था. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे आगरा में तनाव फैल गया था और फतेहाबाद रोड पर भारी उपद्रव देखने को मिला था.
27-28 मार्च की रात को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बमरौली कटारा क्षेत्र में घेराबंदी की. खुद को घिरा देख आरोपी सुनील ने बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी.
जवाबी कार्रवाई में मारा गया
पुलिस उपायुक्त (नगर) सैय्यद अली अब्बास के अनुसार- अभियुक्त ने जान से मारने की नीयत से पुलिस पर फायर किया, जिसमें हमारे एक सब-इंस्पेक्टर (SI) घायल हो गए. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सुनील को गोली लगी. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
साक्ष्य और बरामदगी
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, 315 बोर का एक तमंचा, 6 खोखा कारतूस और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए.
शहर में आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई
इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे शहर को आक्रोशित कर दिया था. स्थानीय लोगों का आरोप था कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे बच्ची की जान नहीं बच सकी. हालांकि, घटना के बाद पुलिस ने 12 टीमें गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की और 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी का अंत कर दिया. फिलहाल पुलिस मामले में साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया जारी रखे हुए है.


