अहमदाबाद: 2 करोड़ के नकली नोट कांड में 8वीं गिरफ्तारी, प्रदीप गुरुजी के नए कारनामों की भी परत खुली!

अहमदाबाद: 2 करोड़ के नकली नोट कांड में 8वीं गिरफ्तारी, प्रदीप गुरुजी के नए कारनामों की भी परत खुली!

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 2 करोड़ रुपये के नकली नोट रैकेट मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक और मुख्य आरोपी भावेश गजेरा को सूरत से गिरफ्तार किया है. इस मामले में अब तक कुल 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है सत्यम योग धाम आश्रम के संचालक प्रदीप जोटांगिया उर्फ प्रदीप गुरुजी की काली दुनिया के एक के बाद एक चौंकाने वाले पन्ने खुल रहे हैं.

क्राइम ब्रांच के अनुसार, नया आरोपी भावेश गजेरा इस पूरे सिंडिकेट का अहम हिस्सा था. उसने नकली नोट छापने के लिए आवश्यक मशीनरी और सामान खरीदने के लिए वित्तीय मदद मुहैया कराई थी. वह पहले भी बाजार में करीब 20 लाख रुपये के नकली नोट खपा चुका है. पुलिस अब भावेश से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य निवेशकों का पता लगाया जा सके.

खरीदीं जमीनें और लग्जरी कारें

पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि प्रदीप गुरुजी ने आश्रम के नाम पर मिले दान की पवित्र राशि का इस्तेमाल अपने निजी विलासिता के लिए किया. उसने दान के पैसों से दो आलीशान जमीन के प्लॉट और एक महंगी कार खरीदी. जब निजी संपत्ति बनाने के चक्कर में आश्रम के फंड में कमी आई, तो उसने अपने चेलों के साथ मिलकर नकली नोट छापने की खौफनाक साजिश रची.

लड़कियों से अश्लील चैट

योग और आध्यात्म की आड़ में छिपे प्रदीप जोटांगिया का एक और घिनौना पक्ष सामने आया है. जांच में उसके मोबाइल से लड़कियों के साथ की गई अश्लील चैट और आपत्तिजनक तस्वीरें मिली हैं. स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि रात के सन्नाटे में आश्रम में बाहर से संदिग्ध लड़कियों का आना-जाना लगा रहता था. खुद को भगवान का अवतार बताने वाला यह शख्स लड़कियों को अपनी बातों में फंसाकर उनका शोषण करता था.

कैंसर के नाम पर जानलेवा खेल

प्रदीप, जो पहले एक हेयर सैलून चलाता था, बिना किसी मेडिकल डिग्री के कैंसर और हृदय रोगों का इलाज करने का दावा करता था. यूट्यूब से योग सीखकर वह मरीजों की फाइलों के साथ छेड़छाड़ करता था और खतरनाक तरीके से बिना सर्जरी के इलाज का नाटक कर उनकी जान जोखिम में डालता था.

चीन से कनेक्शन और 14 दिन की रिमांड

पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की 14 दिन की रिमांड हासिल की है. गिरोह चीन से मंगाए गए विशेष कागज पर नोट छापता था और इसे 33% की दर (1 लाख असली के बदले 3 लाख नकली) पर बेचता था. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। क्राइम ब्रांच की टीमें अब उन दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी हैं जो नोट छापने की तकनीकी प्रक्रिया में शामिल थे.

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