LPG गैस संकट के बीच घरों में खाना बनाने के लिए इंडक्शन का इस्तेमाल बढ़ गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडक्शन चूल्हा कितना बिजली खाता है. दरअसल यह उसकी वॉट क्षमता और इस्तेमाल पर निर्भर करता है. यहां हम आपको इसका पूरा हिसाब-किताब बता रहे हैं.

Induction Cooktop Power Consumption: आजकल किचन में इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले इसकी बिजली खपत समझना जरूरी है. कई लोग सोचते हैं कि यह ज्यादा बिजली खाता है, जबकि असल में इसका खर्च इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है. सही जानकारी होने से आप बिजली बिल को कंट्रोल कर सकते हैं. आइए जानते हैं हर घंटे में इंडक्शन चूल्हा कितनी बिजली खर्च करता है और कैसे बचत की जा सकती है.
इंडक्शन चूल्हा कैसे काम करता है?
इंडक्शन चूल्हा पारंपरिक गैस चूल्हे से अलग तकनीक पर काम करता है. इसमें बिजली के जरिए मैग्नेटिक फील्ड बनती है, जो सीधे बर्तन को गर्म करती है. इसका मतलब है कि हीट सीधे खाना बनाने में लगती है और ऊर्जा की बर्बादी कम होती है. यही वजह है कि इसे ज्यादा एफिशिएंट माना जाता है. हालांकि इसकी बिजली खपत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी देर और किस पावर लेवल पर इसका उपयोग करते हैं.
हर घंटे कितनी बिजली की खपत होती है ?
आमतौर पर इंडक्शन चूल्हे की पावर 1200 वॉट से 2000 वॉट के बीच होती है. अगर आप 2000 वॉट का इंडक्शन एक घंटे तक फुल पावर पर चलाते हैं, तो यह लगभग 2 यूनिट बिजली खर्च करेगा. वहीं कम पावर पर उपयोग करने पर खपत भी कम हो जाती है. इसका सीधा असर आपके बिजली बिल पर पड़ता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि लगातार हाई पावर पर इस्तेमाल करने से खर्च तेजी से बढ़ सकता है.
हर महीने कितना बढ़ेगा बिजली बिल?
इंडक्शन चूल्हे का मासिक बिजली बिल पूरी तरह आपके इस्तेमाल पर निर्भर करता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अगर आप रोज लगभग 1 घंटा 2000 वॉट (2kW) का इंडक्शन चलाते हैं, तो रोज करीब 2 यूनिट बिजली खर्च होगी. यानी महीने में लगभग 60 यूनिट तक खपत हो सकती है.
अब अगर आपके इलाके में बिजली का रेट ₹6 प्रति यूनिट है, तो सिर्फ इंडक्शन चलाने का खर्च करीब ₹360 महीना आएगा. वहीं अगर रेट ₹8-₹10 प्रति यूनिट है, तो यह खर्च ₹480 से ₹600 तक जा सकता है. अगर आप इसे कम पावर या कम समय के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो बिल भी उसी हिसाब से कम होगा. यानी सही इस्तेमाल से इंडक्शन चूल्हा महंगा नहीं, बल्कि कंट्रोल में रहने वाला विकल्प बन सकता है.
गैस चूल्हे से तुलना में कितना सस्ता या महंगा ?
इंडक्शन और गैस चूल्हे की तुलना करना आसान नहीं है क्योंकि दोनों के खर्च अलग तरीके से निकलते हैं. इंडक्शन में बिजली का खर्च होता है, जबकि गैस में सिलेंडर की कीमत जुड़ी होती है. अगर बिजली दर कम है तो इंडक्शन सस्ता पड़ सकता है, लेकिन ज्यादा यूनिट खर्च होने पर बिल बढ़ सकता है. वहीं गैस चूल्हा लगातार उपयोग में स्थिर खर्च देता है. ऐसे में आपके उपयोग और स्थानीय बिजली दर पर निर्भर करता है कि कौन सा विकल्प बेहतर है.
इंडक्शन में कैसे बचेगी बिजली
इंडक्शन चूल्हे का सही उपयोग करने से बिजली की काफी बचत की जा सकती है. हमेशा फ्लैट और सही साइज के बर्तन का इस्तेमाल करें ताकि हीट लॉस न हो. जरूरत के हिसाब से ही पावर लेवल सेट करें और खाना बनने के बाद तुरंत बंद कर दें. बार-बार ऑन-ऑफ करने से भी ऊर्जा ज्यादा खर्च होती है. इसके अलावा प्री-हीटिंग से बचना और ढक्कन लगाकर खाना पकाना भी बिजली की खपत कम करता है.





