ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने बुधवार को देश को संबोधित करते हुए कुछ प्रतिबंधों की घोषणा की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच लोगों से कुछ उपायों को अपनाने का आग्रह किया। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष को दूसरा महीना शुरू हो चुका है, जिसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों के आवागमन में लगातार बाधा आ रही है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके चलते ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं, आपूर्ति बाधित हो रही है और उत्पादन सीमित हो गया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने कहा कि देश की राष्ट्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय ईंधन सुरक्षा योजना को अपनाया है, जो लंबे समय तक आपूर्ति में गंभीर बाधा आने की स्थिति में नागरिकों की मदद करेगी। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा आने वाले महीने आसान नहीं होंगे। मैं इस बारे में खुलकर कहना चाहता हूं। कोई भी सरकार इस युद्ध के कारण उत्पन्न दबावों को खत्म करने का वादा नहीं कर सकती। मैं वादा कर सकता हूं कि हम ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे प्रभावों से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अल्बानीज़ ने कहा कि हालांकि ये अनिश्चित समय हैं, लेकिन देश इन वैश्विक चुनौतियों से ऑस्ट्रेलियाई तरीके से निपटेगा, मिलकर काम करेगा और एक-दूसरे का ख्याल रखेगा।
यह कदम पाकिस्तान द्वारा ईंधन बचाने के उपायों को लागू करने के बाद उठाया गया, जिसमें कर्मचारियों की संख्या आधी करना और चार दिन का कार्य सप्ताह अपनाना शामिल है। श्रीलंका ने भी इससे पहले सभी बुधवारों को अवकाश घोषित कर दिया था और ईंधन राशनिंग को सख्त कर दिया था।
ऑस्ट्रेलिया ने किन प्रतिबंधों की घोषणा की है?
अल्बानीज़ ने कहा कि उनके प्रशासन ने ईंधन उत्पाद शुल्क को आधा कर दिया है और यह उपाय अगले तीन महीनों तक लागू रहेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमने ईंधन उत्पाद शुल्क को आधा कर दिया है। पेट्रोल के हर लीटर पर 26 सेंट की कटौती की गई है। इस बचत का असर अब आपके पेट्रोल पंप पर दिखना शुरू हो गया है।” उन्होंने यह भी बताया कि ट्रक चालकों के लिए भारी वाहन सड़क उपयोगकर्ता शुल्क भी शून्य कर दिया गया है।





