LPG संकट के बीच लगातार बढ़ रहा PNG का दबदबा, एक महीने में बढ़ गए इतने लाख कनेक्शन!


PNG network expansion: प‍िछले करीब पांच हफ्ते से चल रहे इजरायल और ईरान युद्ध के बीच देश में एलपीजी का संकट बना हुआ है. एलपीजी गैस स‍िलेंडर की ड‍िलीवरी के ल‍िए लगी लंबी-लंबी लाइन के बीच सरकार लगातार पीएनजी कनेक्‍शन के ल‍िए मुह‍िम चला रही है. आने वाले समय में एलपीजी पर देश की कम से कम न‍िर्भरता हो, इसके लि‍ए सरकार की पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने की मुहिम जोरों पर है. इस मुह‍िम का ही असर है क‍ि पिछले एक महीने के दौरान करीब आठ लाख नए पाइप्ड गैस कनेक्शन (PNG) दिये गए हैं.

सरकार और गैस कंपनियों की तरफ से मिलकर लोगों को सिलेंडर की जगह पाइप वाली गैस यूज करने के ल‍िए प्रेरित क‍िया जा रहा है. इससे धीरे-धीरे एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी और सप्लाई का दबाव भी घटेगा. एक अधिकारी ने बताया क‍ि पीएनजी के आठ लाख नए कनेक्शन में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस कनेक्‍शन शामिल हैं. इनमें से करीब आधे कनेक्शन पहले ही एक्‍ट‍िव कर द‍िये गए हैं, जबकि बाकी पर काम चल रहा है.

हर महीने 50 लाख सिलेंडर की सप्लाई
अधिकारी ने बताया क‍ि हम काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हर महीने करीब 50 लाख सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है. इससे घरेलू मांग को आराम से पूरा क‍िया जा रहा है और कमर्शियल ड‍िमांड का भी 80 प्रतिशत हिस्सा कवर हो रहा है. क‍िसी को भी गैस की क‍िल्‍लत को लेकर डर नहीं होना चाह‍िए. सरकार की तरफ से जारी एडवाइजरी में बार-बार कहा जा रहा है क‍ि देश में एलपीजी का पर्याप्‍त स्‍टॉक है, क‍िसी भी तरह की पैन‍िक बाइंग से बचें.

16,000 से ज्यादा LPG कनेक्शन सरेंडर
सरकार की तरफ से की जा रही अपील पर जिन लोगों के पास अब पीएनजी कनेक्शन आ गया है, उन्होंने अपने LPG कनेक्शन को सरेंडर कर द‍िया है. अब तक 16,000 से ज्यादा कनेक्शन को सरेंडर क‍िया जा चुका है. इससे सिस्टम पर दबाव कम हुआ है. ऐसे लोग, जो अपना कनेक्शन सरेंडर करना चाहते हैं वे सरकारी पोर्टल पर डिटेल्स जमा कर सकते हैं. पोर्टल पर एक ‘हॉल ऑफ फेम’ भी बनाया गया है, यहां स्वेच्छा से कनेक्शन छोड़ने वाले ग्राहकों को सम्मानित किया जाता है.

सप्लाई की कोई कमी नहीं
वेस्‍ट एश‍िया में तनाव के कारण सप्लाई बाध‍ित होने को लेकर च‍िंता थी. लेकिन अध‍िकारी ने साफ कहा क‍ि देश में क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और कुकिंग गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. स्टॉक को नियमित रूप से रिफिल किया जा रहा है. अधिकारी ने बताया, हम पिछले एक महीने से चीजों को अच्‍छी तरह मैनेज कर रहे हैं. जहां जरूरत पड़ रही है, वहां से सप्लाई टाई-अप क‍िया जा रहा है और आयात भी कर रहे हैं.

इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हे का सुझाव
सरकार की तरफ से लोगों से अपील की जा रही है क‍ि संभव होने पर इंडक्शन कुकर या इलेक्ट्रिक चूल्हे का यूज करें. इससे गैस की खपत कम होगी. इसके अलावा ऑनलाइन सिलेंडर बुकिंग 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है. डायवर्टिंग रोकने के लिए ऑथेंटिकेशन कोड बेस्‍ड डिलीवरी फरवरी के 53 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

माइग्रेंट्स के लिए खास इंतजाम
माइग्रेंट कामगार, छात्रों या दिहाड़ी मजदूरो ज‍िनके पास नियमित एलपीजी कनेक्‍शन नहीं है, उनके लिए तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले पोर्टेबल सिलेंडर की ब‍िक्री शुरू कर दी है. 23 मार्च से अब तक 6.6 लाख छुटकू स‍िलेंडर की ब‍िक्री की जा चुकी है. इन सिलेंडर को लेने के ल‍िए क‍िसी तरह के एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं है.

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