
2016 Custodial Death Case: 2016 के हिरासत में मौत के मामले में एक बड़ी घटनाक्रम में, पुलिस ने मंगलवार को कटक जिले के नरसिंहपुर में एक पुलिस स्टेशन के लॉक-अप के अंदर एक व्यक्ति की मौत के सिलसिले में छह रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया.
2016 Custodial Death Case: 2016 के हिरासत में मौत के मामले में एक बड़ी घटनाक्रम में, पुलिस ने मंगलवार को कटक जिले के नरसिंहपुर में एक पुलिस स्टेशन के लॉक-अप के अंदर एक व्यक्ति की मौत के सिलसिले में छह रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों में रिटायर्ड ASI भगवान साहू, हवलदार प्रमोद कुमार पात्रा, और चार रिटायर्ड होम गार्ड – जोगिनाथ नायक, भिखारी नायक, भ्रमर राणा और महेश्वर देवता शामिल हैं. सभी छह आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया और बाद में उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
जेल में कैदी के साथ बेरहमी
बता दें कि ये मामला 2016 का है, जब मालिसही गांव के सरोज सेनापति को उनकी पत्नी अलका नायक द्वारा घरेलू विवाद को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस स्टेशन लाया गया था. पूछताछ के दौरान, आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की. बाद में सरोज सेनापति की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पुलिस पर गंभीर आरोप लगे. इस घटना ने बड़े पैमाने पर चिंता पैदा कर दी थी, और हिरासत में हिंसा को लेकर सवाल उठाए गए थे. इसके बाद IPC की धारा 448, 342, 341, 323, 506, 302 और 34 के तहत एक मामला (नं. 130/2016) दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई.
6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जांच के नतीजों के आधार पर, IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें गलत तरीके से कैद रखने, हमला करने, आपराधिक धमकी देने और हत्या से जुड़े आरोप शामिल हैं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने खुद संज्ञान लेते हुए एक मामला दर्ज किया और इस घटना की विस्तृत जांच शुरू की. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये गिरफ्तारियां इस लंबे समय से लंबित मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और कानूनी कार्रवाई होने की उम्मीद है. यह कानूनी कार्रवाई मानवाधिकारों की रक्षा करने और हिरासत में हुई मौतों के मामलों में न्याय सुनिश्चित करने के महत्व की याद दिलाती है.





