
Income Tax Deptt: इनकम टैक्स विभाग ने फाइनेंशियल ईययर 2025-26 (FY26) में 2.22 लाख टैक्स अपील को निपटाकर बड़ा रिकॉर्ड बनाया है. अपील के निपटारे के ये नंबर पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 29 प्रतिशत ज्यादा है. इस उपलब्धि से टैक्स विवाद कम करने और टैक्सपेयर्स को बेहतर सर्विस देने की दिशा में विभाग की कोशिश साफ दिख रही है. सीबीडीटी (CBDT) चेयरमैन की तरफ से अधिकारियों को लिखी चिट्ठी में बताया गया कि FY26 में 2,22,540 अपील का निपटारा किया गया. जबकि FY25 में यह संख्या 1,72,361 थी. इस तरह 29.11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
साल की शुरुआत में 1.51 लाख पुराने मामलों का निपटारा किया गया. इनमें से 50,654 मामलों को खास अभियान के तहत सुलझाया गया. नतीजा यह हुआ कि पुरानी अपील की बाकी लंबित चीजें पिछले साल के मुकाबले 33.49 प्रतिशत कम हो गए. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। विभाग ने FY26 में 72,933 शिकायतों का भी निपटारा किया. इनका एवरेज सॉल्यूशन टाइम महज 47 दिन का रहा. इसके अलावा 1,32,125 रेक्टिफिकेशन (rectification) प्रोसेस किये गए और 5,68,621 प्रभावी आदेश जारी किए गए. कुल मिलाकर 10.26 लाख से ज्यादा मामलों के निपटारे से 12.33 लाख करोड़ रुपये की बकाया मांग में कमी आई.
1.56 लाख ट्रस्ट का नया रजिस्ट्रेशन या री-रजिस्ट्रेशन
विभाग की तरफ से करीब 1.56 लाख ट्रस्ट का नया रजिस्ट्रेशन या री-रजिस्ट्रेशन दिया. इसके अलावा 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) साइन किए, जो पिछले साल से 25.86% ज्यादा हैं. रवि अग्रवाल ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष (2026-27) में विभाग की कार्रवाई डेटा पर बेस्ड, आनुपातिक और निष्पक्ष तथा कुशल टैक्स सिस्टम के लक्ष्य से जुड़ी होनी चाहिए. उन्होंने डेटा एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस-ड्रिवन तरीकों को मजबूत करने पर जोर दिया.
साल 2026 को अहम देते हुए उन्होंने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 और इनकम टैक्स रूल्स 2026 लागू होने जा रहे हैं. इनसे चीजों को फॉलो करना ज्यादा आसान होगा और टैक्स प्रशासन ज्यादा ट्रांसपेरेंट और डेटा- बेस्ड बनेगा. यह उपलब्धि टैक्सपेयर्स के लिए अच्छी खबर है क्योंकि इससे विवाद जल्दी सुलझ रहे हैं और अनिश्चितता कम हो रही है.





