अफगानी छात्रों पर पाकिस्तान ने गिराए बम, भयंकर भड़का तालिबान

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच फिर से तनाव की खबर है। पाकिस्तान ने एक बार फिर से अफगानिस्तान के भीतर हमलों को अंजाम दिया है। आम लोगों को पाकिस्तान तो निशाना बनाता ही था। लेकिन इस बार पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर एक यूनिवर्सिटी पर हमला किया है। दरअसल अफगानिस्तान की ओर से यह बड़ा आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान की सेना ने कुनार प्रांत में मिसाइल और मोटार से हमले किए हैं। जिसमें कम से कम अफगानी दावे के अनुसार सात लोगों की मौत हो गई है और 80 से ज्यादा लोग घायल हैं। इन घायलों में महिलाएं, बच्चे और यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे छात्र और साथ ही में प्रोफेसर्स तक शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया। अफगान अधिकारियों के मुताबिक यह हमला कुनार प्रांत की राजधानी असदाबाद में हुआ है। जहां पर सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया गया। हमले में यूनिवर्सिटी परिसर को भारी नुकसान पहुंचा है और करीब 30 छात्र और प्रोफेसर्स घायल बताए जा रहे हैं। 

अफगान सरकार ने इस हमले को युद्ध अपराध बताया है और इसे पाकिस्तान की बर्बर कारवाई करार दिया है। उनका कहना है कि आम नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस हमले को लेकर अफगानिस्तान सरकार के डेपुटी स्पोक्सपर्सन ने पोस्ट साझा करते हुए पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए लिखा आज 27 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान की सैन्य सरकार ने एक बार फिर कुनारपांत की राजधानी असफाबाद और मनगोई जिले के कई इलाकों में मोटार और रॉकेट की गोलेबारी की है। इन हमलों की शुरुआत दोपहर 2:00 बजे हुई। इस दौरान आम लोगों के घरों को जिनमें सैयद जमालुद्दीन अफगान यूनिवर्सिटी भी शामिल है। जानबूझकर निशाना बनाया गया। इस हमले में 70 आम नागरिक घायल हुए हैं। जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। घायलों में 30 छात्र भी हैं। जबकि चार लोगों की मौत हो गई है। हम पाकिस्तान की सैन्य सरकार की इन कारवाइयों की कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं। आम लोगों और शैक्षणिक संस्थान को जानबूझकर निशाना बनाना एक गंभीर और माफ ना करने वाला योद्धा अपराध है। 

यह एक बेहद क्रूर और उकसाने वाली कारवाई है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के इन सभी आरोपों को पूरी तरीके से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि उनकी सेना केवल आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई करती है और किसी यूनिवर्सिटी या नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया। इस्लामाबाद ने उल्टा अफगानी मीडिया को फेक न्यूज़ फैलाने का आरोप लगाते हुए कई सारी बातें कह दी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सब आतंकी संगठनों को बचाने के लिए किया जा रहा है। पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान पर आरोप लगाता आ रहा है कि अफगानिस्तान में तहरीक तालिबान जैसे आतंकी संगठन को शरण मिलती है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। वहीं अफगानिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए हर बार यही कहा है कि पाकिस्तान अपने अंदरूनी मामलों को ना सुलझा पाने का ठीकड़ा अफगानिस्तान के ऊपर फोड़ता है। 

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