लखनऊ स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में बीएससी छात्रा अनामिका की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में छात्रछात्राएं लगातार वीसी आवास के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्र हाथों में पंपलेट लेकर “जस्टिस फॉर अनामिका” की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन मृतक छात्रा के परिवार को उचित मुआवजा दे और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के मेस में लंबे समय से घटिया गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा था, जिसमें कई बार कीड़े तक निकलने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि कई बार वार्डन और मेस ठेकेदार से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, उल्टा छात्रों को धमकाया गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि खराब भोजन के कारण ही अनामिका फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुई और उसकी मौत हो गई। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मृतक छात्रा वाराणसी की रहने वाली थी और परिवार में वह इकलौती थी, जिससे परिजन गहरे सदमे में हैं।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बीती रात प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उन्हें जबरन हटाने का प्रयास किया गया। वहीं, अब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन या कुलपति की ओर से किसी भी अधिकारी ने छात्रों से मुलाकात नहीं की है।
धरने पर बैठे छात्रों की मांग है कि जब तक अनामिका को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने मांग की है कि मृतक छात्रा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से खराब खाना खाने को मजबूर किया जा रहा है और शाम के समय हॉस्टल में कैदियों जैसा व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि पहले भी 35 छात्राओं ने कई बार लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अनामिका की मौत की असली वजह को छिपाने की कोशिश कर रहा है।





