10 साल में नई ऊंचाई: FY2026 में UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹314 लाख करोड़ के पार

भारत की डिजिटल पेमेंट प्रणाली Unified Payments Interface यानी UPI ने अपने संचालन के 10 साल पूरे करते हुए FY2026 में ₹314 लाख करोड़ का रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन वैल्यू हासिल कर लिया है। शुरुआत के मुकाबले यह 4,000 गुना से अधिक की बढ़ोतरी को दर्शाता है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, FY2017 में, जो इसका पहला वर्ष था, ट्रांजैक्शन वैल्यू महज ₹0.07 लाख करोड़ थी। 11 अप्रैल 2016 को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी NPCI द्वारा, भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में शुरू किया गया यूपीआई आज देश की डिजिटल भुगतान प्रणाली की रीढ़ बन चुका है और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

10 साल में नई ऊंचाई: FY2026 में UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹314 लाख करोड़ के पार

लगभग 12,000 गुना की छलांग 

खबर के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई ने बीते दशक में अभूतपूर्व विस्तार देखा है। FY2017 में जहां कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम सिर्फ 2 करोड़ था, वहीं FY2026 में यह बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गया, जो लगभग 12,000 गुना की छलांग है। साल 2025 यूपीआई के लिए खास रहा, जब अगस्त में पहली बार मासिक ट्रांजैक्शन 2,000 करोड़ के पार पहुंचकर 2,001 करोड़ हो गया। यह रफ्तार जारी रही और दिसंबर 2025 में 2,163 करोड़ ट्रांजैक्शन के साथ अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा दर्ज हुआ।

2025 में रोजाना 66 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस

पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 में यूपीआई ने करीब 22,000 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जो औसतन प्रतिदिन लगभग 60 करोड़ ट्रांजैक्शन के बराबर है। यह देशभर में डिजिटल भुगतान की गहरी पैठ और लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यूपीआई नेटवर्क में भागीदारी करने वाले बैंकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। FY2017 में जहां केवल 44 बैंक जुड़े थे, वहीं FY2026 तक यह संख्या बढ़कर 703 हो गई है, जिसमें सार्वजनिक, निजी, स्मॉल फाइनेंस, पेमेंट और सहकारी बैंक शामिल हैं।

रोजाना 66 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन हो रहा प्रोसेस

हर बैंक रेमिटर या बेनिफिशियरी के रूप में काम करता है, जबकि NPCI सभी की परफॉर्मेंस पर नजर रखता है। वैश्विक स्तर पर भी यूपीआई का दबदबा बढ़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के रियलटाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत है। आज यूपीआई रोजाना 66 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा है, जिससे भारत तत्काल, सुरक्षित और समावेशी डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में उभरा है।

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