धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुईं हेमा मालिनी, आशा भोसले को भी दी श्रद्धांजलि

हेमा मालिनी ने गुरुवार को नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में ‘लेंस एंड लेगेसी: बॉलीवुड इन फोकस’ प्रदर्शनी के भव्य उद्घाटन के अवसर पर दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र और गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए हेमा मालिनी ने बॉलीवुड उद्योग में धर्मेंद्र के योगदान को याद किया और कहा कि दिवंगत अभिनेता ने अपने काम से लाखों दिलों को जीता था। मा मालिनी ने कहा, ‘मने धर्मेंद्र जी को श्रद्धांजलि दी है, और इसीलिए मैं यहां हूं। उन्होंने उद्योग के लिए बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने अपने अभिनय से लाखों लोगों के दिलों को छुआ है।’

धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुईं हेमा मालिनी, आशा भोसले को भी दी श्रद्धांजलि

आशा भोसले को भी किया याद

उन्होंने गायिका आशा भोसले को उद्योग की सुनहरी आवाज बताते हुए उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। हेमा मालिनी ने अपने करियर में भोसले के योगदान को भी याद किया।हेमा मालिनी ने कहा, ‘रसिद्ध गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं हैं। उनकी आवाज सुनहरी थी। उन्होंने मेरी कई फिल्मों में गाने गाए थे। वे दिग्गज थे ।’ रत की सबसे प्रिय आवाजों में से एक, आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में कई अंगों के फेल होने के कारण निधन हो गया। इस महीने की शुरुआत में मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। विक्की कौशल और आमिर खान सहित कई सितारे अंतिम संस्कार में शामिल हुए। शास्त्रीय गायक और रंगमंच अभिनेता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री आशा भोसले ने कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रखा और एक अद्वितीय विरासत का निर्माण किया।

2025 में हुआ था धर्मेंद्र का निधन

संगीतकार आर.डी. बर्मन के साथ आशा भोसले को भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित सहयोगों में गिना जाता है। उनके प्रतिष्ठित गीतों में ‘पिया तू अब तो आजा’ और विद्रोही गीत ‘दम मारो दम’ शामिल हैं। धर्मेंद्र की बात करें तो, अभिनेता का 24 नवंबर, 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया, और वे छह दशकों से अधिक की एक विशाल विरासत छोड़ गए। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अपनी करिश्माई उपस्थिति, सौम्य मुस्कान और बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाने जाने वाले, उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक माना जाता था। उनके काम में ‘शोले’, ‘चुपकेचुपके’, ‘आया सावन झूम के’, ‘आई मिलन की बेला’ और ‘अनुपमा’ जैसी क्लासिक फिल्में शामिल हैं।

  

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