वॉशिंगटन। अमेरिका पहली बार ईरान के खिलाफ हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर सकता है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी है।

फॉक्स न्यूज के मुताबिक एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रम्प के साथ बैठक में ये विकल्प पेश किए। इसमें बताया गया कि अगर ट्रम्प दोबारा हमले का फैसला लेते हैं, तो एक ‘छोटा लेकिन बहुत ताकतवर हमला’ किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और अहम ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
रक्षा मंत्रालय कुछ नए और एडवांस हथियार इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। इनमें ‘डार्क ईगल’ नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है। यह मिसाइल करीब 2,000 मील दूर तक निशाना साध सकती है और ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को टारगेट कर सकती है।
इसके अलावा, B1B लांसर बॉम्बर विमानों की मौजूदगी भी इलाके में बढ़ाई जा रही है। ये विमान भारी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम हैं और हाइपरसोनिक हथियार भी ले जा सकते हैं।
1. ट्रम्प की धमकी: ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर अपनी फोटो शेयर कर कहा, तूफान आगे बढ़ रहा है। इसे कोई रोक नहीं पाएगा।
2. ईरान का जवाब: सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कहा, हम हमलावरों को समंदर में डुबो देंगे। फारस की खाड़ी में उनके लिए कोई जगह नहीं है।
3. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। तेल की कीमत बढ़ी: गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़कर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई। यह 4 साल में सबसे ज्यादा थी। बाद में यह कम होकर 115 के करीब पहुंची।
4. मुजतबा की सेहत पर सस्पेंस: मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अब भी साफ जानकारी सामने नहीं आई है। वह अभी तक कभी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं।
5. अमेरिकी एयरक्राफ्ट लौटा: दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड अब 300 दिनों से ज्यादा की रिकॉर्ड तैनाती के बाद अमेरिका लौट रहा है।
UN चीफ बोले ईरान जंग की वजह से हर घंटे हालात बिगड़ रहे
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान युद्ध को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के असर हर घंटे के साथ तेजी से और ज्यादा खराब होते जा रहे हैं।
गुटेरेस ने लोगों और देशों से अपील की है कि अब लड़ाई रोककर बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। ऐसे कदम उठाने की जरूरत है, जिससे हालात और बिगड़ने से बचें और शांति की ओर रास्ता निकले।
संयुक्त राष्ट्र पहले भी चेतावनी दे चुका है कि यह संघर्ष बढ़कर बड़े युद्ध में बदल सकता है और इससे पूरी दुनिया पर असर पड़ सकता है।
इजराइल का दावा लेबनान में 40 ठिकानों पर हमला
इजराइल की सेना ने कहा है कि उसने पिछले 24 घंटों में लेबनान के दक्षिणी हिस्से में 40 जगहों पर हमले किए। सेना का दावा है कि इन जगहों का इस्तेमाल हिजबुल्लाह कर रहा था।
यह हमले उस समय हुए जब दोनों तरफ से सीजफायर लागू होने की बात कही जा रही है।
इजराइल ने यह भी बताया कि उसके उत्तरी इलाकों में सायरन बजने लगे थे, क्योंकि एक संदिग्ध उड़ने वाली चीज देखी गई थी, जिसे बाद में मार गिराया गया।
गाजा जा रहे जहाजों को इजराइल ने रोका
गाजा के लिए मदद लेकर जा रहे जहाजों को इजराइल ने रोक दिया। इन जहाजों पर मौजूद 100 से ज्यादा एक्टिविस्ट को पकड़कर ग्रीस के क्रेट द्वीप पर ले जाया गया है।
फ्रीडम फ्लोटिला के अधिकारियों के अनुसार, कुल 168 लोगों को क्रेट ले जाया गया, जबकि 2 लोग अभी भी इजराइल के अधिकारियों के पास हैं। इजराइल ने अब तक 22 नावों को रोका है। वहीं 47 नावें अभी भी गाजा की तरफ जा रही हैं।
युद्ध में 40 से ज्यादा ईरानी समुद्री कामगारों की मौत
ईरान के एक यूनियन नेता के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 40 से ज्यादा ईरानी समुद्री कामगारों की मौत हो चुकी है।
ईरान के मर्चेंट मरीन यूनियन के प्रमुख समन रेजाई ने बताया कि 28 फरवरी से 1 अप्रैल के बीच कुल 44 लोगों की जान गई और 29 लोग घायल हुए हैं।
मारे गए लोगों में 22 आम नाविक , 16 मछुआरे और 6 बंदरगाह पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उनकी यूनियन और सरकारी विभाग से मिली है, लेकिन इसकी पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है।




