आयुष्मान खुराना ने अपनी आने वाली फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ को लेकर उठी उन चर्चाओं पर सफाई दी है, जिनमें कहा जा रहा था कि यह फिल्म कहीं न कहीं बेवफाई को दिखाती या प्रमोट करती है।

उन्होंने साफ कहा कि फिल्म का मकसद ऐसा बिल्कुल नहीं है और उनका किरदार ग्रीन फ्लैग है, यानी एक ऐसा व्यक्ति जिसकी नैतिक सोच और व्यवहार सही दिशा में है।
आयुष्मान ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट में कहा कि यह फिल्म एक फैमिली एंटरटेनर है और इसे इस तरह से बनाया गया है कि इसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी फिल्मों में हमेशा यह ध्यान रखा जाता है कि कंटेंट जिम्मेदारी के साथ पेश किया जाए, खासकर इसलिए भी क्योंकि उनके बच्चे भी फिल्में देखते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक “बहुत बड़ी जिम्मेदारी” है कि वे ऐसी फिल्में करें जिन्हें परिवार के साथ बिना झिझक देखा जा सके।
फिल्म के अपने किरदार प्रजापति पांडे के बारे में उन्होंने बताया कि वह किसी भी तरह के अफेयर या गलत रिश्ते में शामिल नहीं है, बल्कि कहानी पूरी तरह ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ पर आधारित है। यानी गलतफहमियों और मजेदार परिस्थितियों से पैदा होने वाली हास्य स्थितियाँ ही फिल्म की जान हैं, न कि कोई नैतिक रूप से गलत संदेश।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि असल जिंदगी में अगर रिश्तों में कोई दिक्कत हो तो सबसे जरूरी है ईमानदारी और पारदर्शिता। उन्होंने कहा कि पतिपत्नी के बीच दोस्ती सबसे अहम चीज है और अगर कोई कुछ छुपा रहा है तो रिश्ते में दूरी आ सकती है।
इस मौके पर उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप को लेकर भी सवाल पूछा गया, जिस पर आयुष्मान ने कहा कि अगर उन्हें कुछ छुपाना होता तो वह ऐसी फिल्म ही क्यों करते। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी खुद फिल्ममेकर हैं और इस प्रोफेशन को अच्छी तरह समझती हैं।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी फिल्मों को एक “बारोमीटर” से जज करते हैं, अगर उनके बच्चे किसी फिल्म को पसंद करते हैं, तो वह उनके लिए सही फैमिली फिल्म मानी जाती है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे विराजवीर और बेटी वरुष्का ने इस फिल्म की एडिटिंग के दौरान इसे देखा और उन्हें यह काफी पसंद आई।
कोस्टार रकुल प्रीत सिंह ने भी साफ किया कि फिल्म में कोई भी गलत संदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान का किरदार असल में “बेचारा” टाइप का है और वह किसी गलत काम में शामिल नहीं होता। उनका कहना था कि यह कहानी ऐसी परिस्थितियों पर आधारित है जो किसी के साथ भी हो सकती हैं, और इसी से कॉमेडी पैदा होती है।
इसी तरह सारा अली खान ने भी कहा कि फिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन है, न कि किसी गलत व्यवहार को सही ठहराना।
फिल्म के निर्देशक Mudassar Aziz ने बताया कि यह फिल्म उसी तरह की कॉमेडी स्टाइल में है जैसी पुरानी हिट फिल्में जैसे No Entry और Welcome रही हैं। उन्होंने कहा कि शादी भारतीय समाज में एक बड़ा इवेंट होता है, और उससे जुड़ी गलतफहमियों और मजेदार स्थितियों पर लोग हंसना पसंद करते हैं, इसलिए ऐसी कहानियाँ दर्शकों को आकर्षित करती हैं।
कुल मिलाकर, टीम का कहना है कि फिल्म का उद्देश्य केवल हल्कीफुल्की कॉमेडी और एंटरटेनमेंट देना है, न कि किसी तरह की बेवफाई या गलत रिश्तों को बढ़ावा देना।





