Agni Nakshatra 2026: 4 मई से अग्नि नक्षत्र शुरू, अब आग बरसाएगा आसमान! 25 दिनों तक इन कामों पर रहेगी पाबंदी

Agni Nakshatra 2026: क्या आपने कभी अग्नि नक्षत्र के बारे में सुना है? यह समय मौसम की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण होता ही है साथ ही इसका विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी माना जाता है। इस दौरान सूर्य देव अपनी पूरी प्रचंडता से धरती को तपाते हैं जिससे गर्मी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में इस समय संयमित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है, जिससे स्वास्थ्य सही रहे। धार्मिक दृष्टि से यह समय भगवान मुरुगन की आराधना के लिए खास होता है। चलिए जानते हैं अग्नि नक्षत्र क्या होता है और इस दौरान क्या नहीं करना चाहिए।

Agni Nakshatra 2026: 4 मई से अग्नि नक्षत्र शुरू, अब आग बरसाएगा आसमान! 25 दिनों तक इन कामों पर रहेगी पाबंदी

अग्नि नक्षत्र 2026 कब से कब तक

अग्नि नक्षत्र 04 मई से शुरू होकर 28 मई तक रहेगा। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं।

अग्नि नक्षत्र क्या है?

अग्नि नक्षत्र वो खास समय होता है जब सूर्य देव कृतिका नक्षत्र के क्षेत्र में संचरण करते हैं। चूंकि कृतिका नक्षत्र का संबंध अग्नि तत्व से होता है, इसी कारण से इस समय को ‘अग्नि नक्षत्र’ कहा जाता है। दक्षिण भारत में ये समय भगवान मुरुगन की उपासना के लिए खास माना जाता है। ज्योतिष अनुसार अग्नि नक्षत्र में मौसम काफी गर्म हो जाता है जिस कारण इस दौरान स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

अग्नि नक्षत्र में क्या नहीं करना चाहिए

  • अग्नि नक्षत्र में अत्यधिक धूप में जाने से बचना चाहिए क्योंकि इस दौरान की धूप सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।
  • इस दौरान तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए जिससे शरीर हाइड्रेट रहे।
  • हल्का भोजन करना चाहिए जिससे शरीर को भोजन पचाने में दिक्कत न आए।
  • इस समय सूती वस्त्र पहनने चाहिए।
  • अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत नहीं करना चाहिए। इसके अलावा इस समय विवाह, मुंडन संस्कार और उपनयन संस्कार जैसे शुभ कार्यों को करने से भी बचना चाहिए।

अग्नि नक्षत्र के दौरान क्या करना चाहिए

  • इस दौरान भगवान मुरुगन की पूजा करनी चाहिए।
  • मंत्र जाप और ध्यान करना चाहिए।
  • इस दौरान जलदान करना चाहिए।
  • सेहत को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

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