गर्मियों का मौसम टेस्टी फल आम और तरबूज का है. आम फलों का राजा कहलाता है लेकिन तरबूज के भी कम दीवाने नहीं है. भारत में तरबूज की पैदावार भी खूब होती है और इसे खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं. गर्मियों के दौरान हमारा शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है क्योंकि पसीना निकलता है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और हाइड्रेटिंग फलों को खाने की सलाह दी जाती है. समर सीजन में वाटरमेलन को खाने की ये भी एक बड़ी वजह है क्योंकि इसमें करीब 97 फीसदी पानी होता है. वैसे आपने कभी सोचा है कि भारत में कहां सबसे ज्यादा वाटरमेलन की खेती की जाती है. भारत का कौन सा शहर है जिसे वाटरमेलन कैपिटल पुकारा जाता है.

तरबूज के दीवाने तक शायद ही ये जवाब जानते होंगे. तरबूज को स्वाद मीठा होता है इसलिए बच्चे भी इसके दीवाने होते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि भारत में वाटरमेलन की पैदावार कहां होती है. आप अगर यहां जाना चाहते हैं को कैसे पहुंच सकते हैं और किन दूसरी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं.
सोलापुर… वाटरमेलन केपिटल ऑफ इंडिया
भारत में वाटरमेलन केपिटल सोलापुर को पुकारा जाता है. ये महाराष्ट्र का खूबसूरत शहर है जो न सिर्फ अपनी खेती बल्कि धार्मिक महत्व और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए भी फेमस है. वैसे ये अपने मीठे और रसीले तरबूजों के लिए भी खास पहचान बना चुका है. महाराष्ट्र के इस चर्चित शहर सोलापुर का मौसम अर्धशुष्क है. इस लिहाज से ये तरबूज की खेती के लिए बहुत अनुकूल माना जाता है. यहां की गर्म और शुष्क जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और उज्जैनी बांध जैसे जल स्रोतों से सिंचाई, तरबूज को खास मिठास देती है. यही वजह है कि यहां उगाए गए तरबूज देशभर में सप्लाई किए जाते हैं.
सोलापुर कैसे पहुंचे । How to Reach Solapur
फ्लाइट से अगर आप फ्लाइट से सोलापुर पहुंचना चाहते हैं तो इस शहर का अपना एयरपोर्ट भी है. लेकिन ये सिटी से करीब 5 किलोमीटर दूर है और कनेक्टिविटी भी सीमित है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। आप चाहे तो पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट उतकर भी यहां पहुंच सकते हैं जिसकी सोलापुर से दरी करीब 250 किलोमीटर है. पुणे एयरपोर्ट से लोकल टैक्सी या पर्सनल कैब भी मिल जाती है.
ट्रेन के जरिए अगर आप ट्रेन से यहां पहुंचना चाहते हैं तो इसके रेलवे स्टेशन सोलापुर उतर सकते हैं. ये स्टेशन बड़े शहर जैसे पुणे, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से बहुत अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. सिद्धेश्वर एक्सप्रेस और हैदराबाद एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें यहां से रेगुलर या नियमित रूप से चलती हैं.
रोड ट्रिप के जरिए अगर आप मुंबई से सोलापुर आते हैं तो ये रास्ता बेहद खूबसूरत नजारों वाला भी है. क्योंकि महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाका का नजारा भी बेहद शानदार होता है. मुंबई से रोड के जरिए आपको करीब 8 से 9 घंटे लगेंगे. और हैदराबाद से 5 से 6 घंटे लगते हैं. वैसे राज्य का लोकल ट्रांसपोर्ट और पर्सनल कैब दोनों ऑप्शन भी आसानी से मिल जाते हैं.
किस टाइम सोलापुर जाना बेस्ट है
वैसे अक्टूबर से मार्च के बीच इस शहर में घूमना बेस्ट रहता है लेकिन आप तरबूज का मीठा स्वाद यहां चखना चाहते हैं तो आपको मार्च से मई के बीच यहां जाना चाहिए. यही समय है जब तरबूज की फसल अपने चरम पर होती है और खेतों से लेकर बाजारों तक ताजे फलों की भरमार रहती है।
सोलापुर में कहांकहां घूमें
ये शहर सिर्फ तरबूज के लिए नहीं बल्कि अपने कल्चर और गांव के रहनसहन के लिए भी जाना जाता है. आप यहां सिद्धेश्वर मंदिर, सोलापुर फोर्ट, पंढरपुर और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकते हैं.





