आईपीएल 2026 के बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लंबे समय से जुड़े फिजियो ईवन स्पीचली ने 18 साल बाद टीम का साथ छोड़ दिया, जिस पर विराट कोहली समेत पूरी टीम भावुक नजर आई।

Who is Evan Speechly? आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु शानदार लय में नजर आ रही है और टीम प्लेऑफ की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है। मैदान पर प्रदर्शन के साथसाथ ड्रेसिंग रूम का माहौल भी इस टीम की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है, जहां खिलाड़ियों के बीच गजब की समझ देखने को मिलती है।
लेकिन इसी बीच टीम से जुड़ी एक भावुक खबर सामने आई है। 2008 से फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े एक अहम सदस्य ने 18 सालों बाद टीम का साथ छोड़ दिया है। इस मौके पर पूरी टीम ने उन्हें खास अंदाज में विदाई दी, जहां विराट कोहली भी खुद को भावुक होने से नहीं रोक पाए।
कौन हैं Evan Speechly?
ईवन स्पीचली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट रहे हैं, जो 2008 से ही टीम के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने बतौर हेड फिजियो टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस में अहम भूमिका निभाई और सालों तक टीम का अभिन्न हिस्सा बने रहे।
𝙀𝙣𝙙 𝙤𝙛 𝙖𝙣 𝙚𝙧𝙖, 𝙀𝙫𝙖𝙣 𝙎𝙥𝙚𝙚𝙘𝙝𝙡𝙮! Your legacy at RCB will always be remembered. 🙌❤️
Evan Speechly was our Head Physio for 18 long years, from 2008 to 2025 one of the OGs of RCB. He flew down to Bengaluru for a special farewell, and we were all teary eyed!… pic.twitter.com/fjVJR80V1j
— Royal Challengers Bengaluru May 4, 2026
18 साल लंबे सफर के बाद अब उन्होंने टीम से अलग होने का फैसला किया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इस खास मौके पर टीम ने उन्हें एक यादगार तोहफा देकर सम्मानित किया। ड्रेसिंग रूम में आयोजित विदाई समारोह में उन्हें घड़ी भेंट की गई, जिसे देखकर वह भावुक हो गए और टीम के साथ बिताए पलों को याद करते नजर आए।
विराट कोहली का भावुक संदेश
विदाई के दौरान विराट कोहली ने ईवन स्पीचली के लिए दिल छू लेने वाली बात कही। उन्होंने बताया कि टीम में उन्होंने सबसे ज्यादा समय स्पीचली और कुछ अन्य स्टाफ के साथ बिताया है। कोहली ने उनकी मेहनत, पेशेवर रवैये और सबसे बढ़कर उनकी सादगी और देखभाल करने की भावना की जमकर तारीफ की।
आरसीबी के साथ ऐतिहासिक सफर
आईपीएल की शुरुआत से ही टीम का हिस्सा रहे स्पीचली उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने फ्रेंचाइजी के साथ इतना लंबा समय बिताया। खिलाड़ियों के बदलते दौर के बीच उन्होंने लगातार अपनी भूमिका निभाई और टीम के फिटनेस ढांचे को मजबूत किया। उनका सफर टीम की पहली खिताबी जीत के साथ खत्म होना इस कहानी को और भी खास बना देता है।





