पश्चिम एशिया में हालात खराबः उड़ानें रद्द, ईरान का मिसाईलों से हमला

UAE के फुजैराह में ऑयल पोर्ट पर ईरानी हमले को लेकर भारत ने विरोध जताया है। इस हमले में 3 तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

पश्चिम एशिया में हालात खराबः उड़ानें रद्द, ईरान का मिसाईलों से हमला

भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा बंद करने और आम लोगों को निशाना नहीं बनाने की अपील की है। भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहनी चाहिए।

इससे पहले UAE ने दावा किया था उसने ईरान की 12 बैलिस्टिक, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को कामयाबी से रोक दिया है। हालांकि ईरान ने इस पूरे मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।

PM मोदी ने भी इस घटना को लेकर पोस्ट किया और कहा कि आम लोगों और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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Middle East Conflict: पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और अमेरिकाईरान के बीच संघर्ष विराम अब दबाव में दिखाई दे रहा है. होर्मुज में दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि सीजफायर अभी भी लागू है या नहीं. इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागे गए 19 मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जबकि फुजैरा क्षेत्र के एक तेल बंदरगाह पर ड्रोन हमले के बाद आग लगने की भी खबर है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ईरान ने इन हमलों पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
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इन घटनाओं की कई देशों जैसे कतर, जॉर्डन, सऊदी अरब, कुवैत और यूरोपीय संघ ने निंदा की है.
ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया गया, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. यह बयान उस समय आया, जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान की मिसाइलों ने एक अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया, हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज कर दिया. अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि उसने ईरान की कुछ छोटी नौकाओं को डुबो दिया, जो व्यापारिक जहाजों के रास्ते में बाधा डाल रही थीं. वहीं डेनमार्क की शिपिंग कंपनी माएर्स्क ने बताया कि उसका एक जहाज अमेरिकी सुरक्षा के बीच सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग से गुजर गया.
अर्थव्यवस्था पर भी असर
इस तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह जलमार्ग बंद रहा, तो अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 5 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि यह संकट सैन्य तरीके से हल नहीं हो सकता. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत आगे बढ़ रही है और सभी पक्षों को स्थिति को और बिगड़ने से बचाना चाहिए. उधर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को मिनी वॉर कहा है क्योंकि ईरान उनके सामने छोटा है.

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