ईरानअमेरिका के बीच तनाव के बीच आज बड़ा कारण समुद्र है. चीन भी समुद्र में अपने पांव पसारने की कोई जुगत नहीं छोड़ता. भारत के पास लगभग साढ़े सात हजार किलो मीटर की समुद्री सीमा है. बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर और अरब सागर पर भारत का मजबूत प्रभाव है. इसी तरह दुनिया के अनेक देश हैं, जो हर हाल में समुद्र तक अपना मजबूत दखल चाहते हैं. इसके लिए कई युद्ध अलगअलग समय पर हुए हैं. अपनी इसी समुद्री ताकत की वजह से पुर्तगालियों ने गोवा पर 450 साल से ज्यादा तक राज किया.

चाहकर भी तीन सौ साल से ज्यादा राज करने वाले मुगल यहां कुछ हासिल कर पाए न ही पूरे देश पर काबिज अंग्रेज. अब जब समुद्री ताकत को लेकर दुनिया के अनेक हिस्सों में तनाव फैला हुआ है तो जानना रोचक हो जाता है गोवा पर आखिर मुगल या अंग्रेज क्यों नहीं काबिज हो पाए? कैसे यह इलाका इनसे अछूता रह गया?
रोचक है गोवा की कहानी
भारत का इतिहास कई आक्रमणों और शासन बदलावों से भरा है. मुगल और अंग्रेज दोनों ने देश के बड़े हिस्से पर राज किया. लेकिन एक क्षेत्र ऐसा रहा, जहां इन दोनों का पूरा नियंत्रण नहीं बन सका. यह क्षेत्र है गोवा. गोवा की कहानी अलग है, रोचक है और इतिहास की किताबों में खास स्थान रखती है.
गोवा को प्राचीन समय में गोमंतक कहते थे. फोटो: Getty Images
प्राचीन समय में गोवा को गोमंतक कहा जाता था. यह क्षेत्र समुद्र के किनारे बसा था. यहां व्यापार खूब होता था. सातवाहन, चालुक्य और कदंब जैसे राजवंशों ने यहां शासन किया. इतिहासकार बताते हैं कि कदंब वंश के समय गोवा में संस्कृति और व्यापार दोनों का विकास हुआ. मंदिर, कला और साहित्य फलेफूले. गोवा उस समय एक समृद्ध क्षेत्र था.
समुद्री शक्ति की वजह से मुगलों ने गोवा की ओर देखा ही नहीं
दिल्ली सल्तनत और बाद में मुगलों का प्रभाव भारत के बड़े हिस्से तक फैल गया था. लेकिन गोवा पूरी तरह उनके नियंत्रण में नहीं आया. कुछ समय के लिए बीजापुर सल्तनत ने गोवा पर शासन किया. यह शासन स्थानीय स्तर तक सीमित था. मुगलों ने सीधे तौर पर गोवा पर कब्जा नहीं किया. इसका मुख्य कारण था गोवा की भौगोलिक स्थिति और समुद्री शक्ति का अभाव.
गोवा पर मुगल कब्जा नहीं कर पाए.
क्यों नहीं हुआ मुगलों का कब्जा?
मुगल साम्राज्य शक्तिशाली था, लेकिन उसकी ताकत मुख्य रूप से जमीन पर थी. समुद्र में उनकी शक्ति सीमित थी. गोवा एक तटीय क्षेत्र था. पुर्तगालियों के पास मजबूत नौसेना थी. इसलिए मुगलों के लिए गोवा पर हमला करना आसान नहीं था. इसके अलावा मुगलों का ध्यान उत्तर भारत और मध्य भारत पर अधिक था, इसलिए गोवा उनके मुख्य लक्ष्य में नहीं आया.
अंग्रेज क्यों नहीं कर सके कब्जा?
अंग्रेजों ने भारत के बड़े हिस्से पर शासन किया, लेकिन गोवा उनके नियंत्रण से बाहर रहा. इसका कारण था कि गोवा पहले से ही पुर्तगालियों के कब्जे में था. अंग्रेज और पुर्तगाली दोनों यूरोपीय शक्तियां थीं. इसलिए उनके बीच सीधा टकराव न के बराबर हुआ. इतिहासकार बताते हैं कि अंग्रेजों ने गोवा को अपने लिए जरूरी नहीं समझा, क्योंकि उनके पास पहले से कई बड़े बंदरगाह थे जैसे मुंबई और कोलकाता.
भारत में अंग्रेजों के शासन से पहले ही गोवा पुर्तगालियों के कब्जे में था. फोटो: AI Image
पुर्तगाली आए और गोवा पर छा गए
15वीं सदी के अंत में यूरोपीय शक्तियां भारत पहुंचने लगीं. साल 1498 में वास्कोडिगामा भारत आया. इसके बाद पुर्तगालियों की नजर गोवा पर पड़ी. साल 1510 में अफोंसो द अल्बुकर्क ने बीजापुर सल्तनत से गोवा छीन लिया. इसके बाद गोवा पर पुर्तगालियों का शासन शुरू हुआ. इतिहास की किताबों में इसे पुर्तगाली भारत कहा गया है. गोवा पुर्तगाल का प्रमुख केंद्र बन गया.
गोवा में पुर्तगालियों ने लगभग 450 साल तक शासन किया. यह भारत में सबसे लंबा विदेशी शासन था.उन्होंने यहां चर्च बनाए, नई संस्कृति लेकर आए और ईसाई धर्म का प्रसार किया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। गोवा में आज भी पुर्तगाली वास्तुकला और संस्कृति के निशान देखे जा सकते हैं. पुरानी इमारतें, चर्च और सड़कें इसकी गवाही देती हैं.
आजादी के बाद भी गोवा क्यों अलग रहा?
- साल 1947 में भारत अंग्रेजों से आजाद हुआ, लेकिन गोवा तब भी पुर्तगाल के कब्जे में था.
- भारत सरकार ने शांतिपूर्ण तरीके से गोवा को लेने की कोशिश की, लेकिन पुर्तगाल तैयार नहीं हुआ.
- अंत में 1961 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय चलाया. इसके बाद गोवा भारत का हिस्सा बना.
गोवा में आज भी पुर्तगाली वास्तुकला और संस्कृति के निशान देखे जा सकते हैं. फोटो: Pexels
गोवा की है खास पहचान
गोवा सिर्फ अपने इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है. यहां भारतीय और यूरोपीय संस्कृति का अनोखा मेल है. त्योहार, खानपान और जीवनशैली सब कुछ अलग और आकर्षक है. आज गोवा आज भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है.
क्या कहती हैं इतिहास की किताबें?
इतिहास की किताबों में गोवा को एक विशेष उदाहरण माना जाता है. रोमिला थापर की किताब ए हिस्ट्री ऑफ इंडिया बिपिन चंद्रा की किताब इंडियाज स्ट्रगल फॉर इंडिपेंडेंस जैसी किताबों में यह बताया गया है कि गोवा का इतिहास भारत के बाकी हिस्सों से कैसे अलग रहा. विदेशी शासन के बावजूद यहां की स्थानीय पहचान कैसे बनी रही.
गोवा का इतिहास हमें यह सिखाता है कि भौगोलिक स्थिति और समुद्री शक्ति कितनी महत्वपूर्ण होती है.मुगल और अंग्रेज दोनों ही गोवा पर अपना नियंत्रण नहीं बना सके. पुर्तगालियों ने यहां लंबे समय तक शासन किया, लेकिन अंततः गोवा भारत का हिस्सा बना. आज गोवा अपनी अलग पहचान, संस्कृति और इतिहास के कारण पूरे देश में खास स्थान रखता है.





