CSK से हार के बाद संकट में दिल्ली कैपिटल्स, हेड कोच हेमांग बदानी बोले- अब हर मैच नॉकआउट

दिल्ली कैपिटल्स के कोच हेमांग बदानी ने चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मैच में मिली आठ विकेट की करारी शिकस्त के बाद कहा कि टीम को मौजूदा स्थिति से उबरने के लिए सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करना होगा और अब हर मुकाबला लगभग नॉकआउट जैसा हो गया है। पहले बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने मंगलवार पांच मई को अरुण जेटली स्टेडियम में 12 ओवर में 69 रन तक पांच विकेट गंवा दिये थे।

CSK से हार के बाद संकट में दिल्ली कैपिटल्स, हेड कोच हेमांग बदानी बोले- अब हर मैच नॉकआउट

टीम ने हालांकि खराब शुरुआत से उबरते हुए सात विकेट पर 155 रन बनाए, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन की 52 गेंदों में नाबाद 87 रन की पारी की बदौलत 17.3 ओवर में ही आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार से टीम के लिए प्लेऑफ में जगह बनाने की राह मुश्किल हो गई है।

टीम को इसके लिए अपने बचे हुए चारों मैच में जीत दर्ज करनी होगी। ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अब मामला नॉकआउट जैसा है, चार में चार जीतना होगा। ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ी स्थिति से वाकिफ हैं और अब प्रदर्शन कर लक्ष्य हासिल करना ही एकमात्र विकल्प है। सामूहिक तौर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।’’

हेमांग बदानी ने कहा, ‘‘हम लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। कभी गेंदबाजी अच्छी होती है, बल्लेबाजी नहीं, कभी इसका उल्टा। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इस स्तर पर 6070 प्रतिशत खिलाड़ियों का योगदान जरूरी है, जो अभी नहीं हो पा रहा।’’ हेमांग बदानी ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 69 रन पर पांच विकेट गिरने की स्थिति पर कहा कि ऐसे समय में बल्लेबाजों को मैदान पर हालात के अनुसार निर्णय लेना होता है।

हेमांग बदानी ने यह भी माना कि उस समय बल्लेबाजों ने सतर्क रुख अपनाते हुए पारी को लंबा खींचने और विकेट नहीं गंवाने पर ध्यान दिया। हेमांग बदानी ने कहा, ‘‘ऐसे वक्त पर मैदान में जो बल्लेबाज होते हैं। वही तय करते हैं कि मैच को कैसे आगे बढ़ाना है। हम पहले ही पांच विकेट खो चुके थे, इसलिए जल्दीबाजी नहीं करनी थी और पारी को आखिर तक ले जाने की योजना थी।’’

को पांच विकेट जल्दी गंवाने के कारण इंपैक्ट प्लेयर के तौर पर समीर रिजवी का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने 24 गेंदों में नाबाद 40 रन की पारी खेलने के अलावा ट्रिस्टन स्टब्स के साथ छठे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर मैच में टीम की वापसी कराई, लेकिन इससे टीम की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर हो गई।

हेमांग बदानी ने कहा कि टीम को मुश्किल परिस्थितियों में संतुलन बनाने के लिए इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में अतिरिक्त बल्लेबाज उतारना पड़ा। भारत के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, ‘‘कोई भी टीम 5060 रन पर पांच विकेट नहीं गंवाना चाहती। अगर पांच विकेट जल्दी गिर जाएं, तो एक ही रास्ता होता है कि पारी को संभालो और इम्पैक्ट प्लेयर से संतुलन बनाओ।’’

हेमांग बदानी ने कहा, ‘‘अगर बल्लेबाजी अच्छी हो तो अतिरिक्त गेंदबाज ला सकते हैं। पिच के हिसाब से विकल्प बदलते हैं।’’ दिल्ली कैपिटल्स के लिए परेशानी का सबब गेंदबाजी में कुलदीप यादव और बल्लेबाजी में कप्तान अक्षर पटेल की लय है। अक्षर गेंद से तो योगदान दे रहे हैं, लेकिन इस आईपीएल में बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए हैं। वह 10 मैचों में सिर्फ 33 रन ही बना सके हैं।

हेमांग बदानी ने कहा, ‘‘कुलदीप अभी अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं हैं और सामान्य गति से गेंदबाजी भी नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन टीम को उन पर पूरा भरोसा है। यह सिर्फ लय पाने की बात है। वह अभी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन यह समय की बात है।’’

हेमांग बदानी ने अक्षर पटेल का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘वह दो विश्व कप जीत चुके खिलाड़ी हैं, उन्हें पता है कि दबाव कैसे संभालना है। इस प्रारूप में चार ओवर में 24 रन देना कमाल का प्रदर्शन है।’’ उन्होंने यह भी माना कि अगर टीम 15 से 20 रन और बना लेती तो संजू सैमसन के लिए पारी को नियंत्रित करना आसान नहीं होता।

हेमांग बदानी ने संजू सैमसन की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने हालात को बखूबी समझते हुए पहले प्रमुख गेंदबाजों के खिलाफ सतर्क रुख अपनाते हुए पारी को आगे बढ़ाया। उन्हें विकेटकीपर के रूप में 20 ओवर तक पिच को करीब से देखने का फायदा मिला।’’

हेमांग बदानी ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि वह कमाल के खिलाड़ी हैं और राष्ट्रीय टीम में उनकी मौजूदगी इसका प्रमाण है।’’ दिल्ली कैपिटल्स घरेलू मैदान पर प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रही है। मौजूदा सत्र में भी उसे अरुण जेटली स्टेडियम में अब तक पांच मैचों में चार में शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने में नाकाम रहने के सवाल पर हेमांग बदानी ने कहा, ‘‘पिच पर टीम का कोई नियंत्रण नहीं होता और के दिशानिर्देशों के तहत उसे तटस्थ रखा जाता है। हमारे घरेलू मैदान की पिचें कुछ हद तक अप्रत्याशित रही हैं, लेकिन यह स्थिति सभी टीमों के लिए समान है और सफलता के लिए अनुकूलन जरूरी है।’’

हेमांग बदानी ने उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘हम एक मैच में 265 रन बनाकर भी नहीं जीते, एक मैच एक रन से हारे, एक मैच में लगभग 75 रन ही बना पाए और यहां पांच विकेट जल्दी गिर गए।’’

आईपीएल 2026 के दौरान अरुण जेटली स्टेडियम में मीडिया बॉक्स का शीशा गिरने से हड़कंप मच गया। मीडियाकर्मी बच गए, लेकिन डीडीसीए की लापरवाही और फंड के इस्तेमाल पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

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