देश के विकास में MSMEs का बहुत बड़ा योगदान है। MSME के योगदान को ध्यान में रखते हुए सरकार भी इस सेक्टर के विकास को लेकर हमेशा ही गंभीर रहती है। इसी कड़ी में सरकार ने एमएसएमई, एयरलाइन और अन्य कंपनियों की कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए 18,100 करोड़ रुपये के व्यय वाली आपातकालीन ऋण गारंटी योजना की घोषणा की। मिडिलईस्ट में जारी तनाव से उत्पन्न चुनौतियों के बीच ये कदम उठाया गया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इससे 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो उपलब्ध होने की उम्मीद है। बताते चलें कि SIDBI MSMEs को 50 करोड़ रुपये तक का लोन मुहैया कराता है।

MSMEs को 50 करोड़ रुपये तक का लोन देता है SIDBI
SIDBI कई तरह के MSME लोन देता है, जिसमें मशीनरी लोन, ग्रीन फाइनेंस लोन, प्रोजेक्ट लोन और वर्किंग कैपिटल लोन शामिल है। ये लोन MSME को प्लांट लगाने और मशीनरी खरीदने, प्रोजेक्ट पूरा करने, बिजनेस के लिए जमीन खरीदने और फैक्टरी की इमारत बनाने या वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग करता है। SIDBI के MSME लोन 3 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक होते हैं, जिन पर ब्याज दरें भी काफी आकर्षक होती हैं। MSME लोन के कई फायदे हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति अपना बिजनेस शुरू करने के लिए फंड्स प्राप्त कर सकता है।
MSME लोन के फायदे
- कोई नया बिजनेस शुरू करने या मौजूदा बिजनेस के विस्तार के लिए MSME लोन काफी मददगार साबित होते हैं।
- इससे फैक्टरी लगाने के लिए जरूरी मशीनरी और प्लांट खरीदने के लिए लोन मिल सकता है।
- बिजनेस से जुड़े भवन निर्माण, जमीन या परिसर खरीदने के लिए भी लोन ले सकते हैं।
- नए बिजनेस प्रॉडक्ट लॉन्च करने के लिए पैसों की जरूरत है तो इससे काफी मदद मिल सकती है।
- वर्किंग कैपिटल की जरूरतों जैसे इन्वेंट्री का स्टॉक जमा करना, वेतन देना, सामान और कच्चा माल खरीदना आदि के लिए लोन मिलते हैं।
- मार्केटिंग और विज्ञापन के उद्देश्यों के लिए भी लोन मिल सकता है।





