कच्चे तेल ने बदली रुपए की बाजी, एक झटके में डॉलर को ऐसे दी पटखनी

कच्चे तेल की कीमतों ने ऐसा पांसा पलटा कि रुपए में एक झटके में 61 पैसे की तेजी देखने को मिल गई. जी हां, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. जिसका असर डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी के रूप में देखने को मिला. बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 61 पैसे मजबूत होकर 94.57 पर बंद हुआ. इसकी वजह यह रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते का संकेत दिया, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें अपने ऊंचे स्तरों से गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गईं.

कच्चे तेल ने बदली रुपए की बाजी, एक झटके में डॉलर को ऐसे दी पटखनी

फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि भारतीय रुपए पर भारी दबाव को देखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक भी मुद्रा को सहारा देने के लिए सक्रिय रूप से एक “अप्रत्यक्ष” रणनीति अपना रहा है. इसके अलावा, ट्रंप द्वारा “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को रोकने के बाद बाजार का सेंटिमेंट भी मजबूत हुआ. “प्रोजेक्ट फ्रीडम” एक अमेरिकी ऑपरेशन था, जिसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देना था. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर डॉलर के मुकाबले में रुपए में किस तरह से तेजी देखने को मिली है.

रुपए में आई जबरदस्त तेजी

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 पर खुला, फिर इसमें गिरावट आई और यह दिन के निचले स्तर 95.18 पर पहुंच गया. अंत में, रुपया 94.57 पर बंद हुआ, जो इसके पिछले बंद स्तर से 61 पैसे की बढ़त दर्शाता है. मंगलवार को, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.18 पर बंद हुआ. इससे पहले, खाड़ी क्षेत्र में नए सिरे से झड़पों और UAE के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने के कारण निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बना ली थी, जिससे सप्लाई चेन को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई थीं. इस स्थिति में RBI के संभावित हस्तक्षेप के बाद रुपए में सुधार आया, जबकि दिन के कारोबार में यह 95.44 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था.

क्यों आई रुपए में तेजी

CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के MD अमित पबारी के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक अपने फॉरेक्स रिज़र्व का सीधे इस्तेमाल किए बिना मुद्रा को सहारा देने के तरीकों पर विचार कर रहा है. पबारी ने आगे बताया कि जिन विचारों पर चर्चा हो रही है, उनमें से एक यह है कि सरकारी बैंकों को विदेशी मुद्रा बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. इससे सिस्टम में नए डॉलर का प्रवाह लाने में मदद मिल सकती है. राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षा देने वाले “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को निलंबित कर दिया है. उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के समझौते की दिशा में बातचीत में प्रगति हुई है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मंगलवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है.

क्या है ट्रंप का प्रोजेक्ट फ्रीडम

होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सोमवार को “प्रोजेक्ट फ्रीडम” शुरू किया गया था. ट्रंप ने रविवार को इस ऑपरेशन की घोषणा की थी, और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अगले ही दिन इसे लागू करना शुरू कर दिया था. पाबारी ने कहा कि वैश्विक माहौल में थोड़ी नरमी दिखी, लेकिन पूरी तरह से राहत का एहसास नहीं हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा ताकि किसी संभावित समझौते के लिए गुंजाइश बन सके. इससे बाजारों में फैली अत्यधिक अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है.

डॉलर और कच्चे तेल में गिरावट

  1. इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 97.79 पर कारोबार कर रहा था, जो 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है.
  2. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 8.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.81 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
  3. घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर, सेंसेक्स 940.73 अंक उछलकर 77,958.52 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298.15 अंक बढ़कर 24,330.95 पर पहुंच गया.
  4. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,621.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
  5. इस बीच, बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, अप्रैल में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि पांच महीने के उच्चतम स्तर 58.8 पर पहुंच गई, जिसमें नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी से विस्तार हुआ.
  6. सर्वेक्षण में बताया गया कि पश्चिम एशिया संकट के बीच कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं से हटकर घरेलू आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख किया है.
  7. मौसमी रूप से समायोजित HSBC इंडिया सर्विसेज PMI बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स मार्च के 57.5 स्तर से बढ़कर अप्रैल में 58.8 पर पहुंच गया, जो पिछले नवंबर के बाद से विस्तार की सबसे मजबूत दर को दर्शाता है.

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