सुबह से चल रहे शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि 130 मिनट में पूरा ‘खेला’ हो गया. सेंसेक्स अपने दिन के लोअर लेवल से मात्र 130 मिनट में 1000 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ दिन के पीक पर दिखाई दिया. जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशकों को इस दौरान 7.43 लाख करोड़ रुपए की कमाई हो गई.

वास्तव में इंटरनेशनल मार्केट में जिस तरह से कच्चे तेल की कीमतों में लोअर सर्किट लगा है, उसका असर सेंसेक्स और निफ्टी में देखने को मिल रहा है. खाड़ी देशों का कच्चा तेल करीब 7 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. वहीं दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले में रुपए में भी तेजी देखने को मिल रही है.
वहीं खबर ये भी आई है कि ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम पर ब्रेक लगा दिया है. जिसके तहत होर्मुज में फंसे जहाजों को छुड़ाना था. ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ शांतिवार्ता में प्रगति हुई है. जिसकी वजह से भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है. बैंकिंग स्टॉक रॉकेट बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. साथ जिसमें एचडीएफसी, एसबीआई जैसे बैंक करीब 3 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार करते हुए दिखाई दे रहे हैं…
सेंसेक्स और निफ्टी बनें रॉकेट
शेयर बाजार में दोपहर करीब 1 बजे के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी शुरू हुई और करीब 3 बजे दिन के पीक पर दिखाई दिए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 78 हजार अंकों के लेवल को पार कर गया. आंकड़ों को देखें तो सेंसेक्स में 1,004.99 अंकों की तेजी देखने को मिली और आंकड़ा 78,022.78 के लेवल पर पहुंच गया. जबकि सुबह करोबारी सत्र के दौरान तेजी के बाद गिरावट भी देखने को मिली थी और सेंसेक्स 244.54 अंकों की गिरावट के साथ 76,773.25 अंकों पर पहुंच गया था.
वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी कारोबारी सत्र के दौरान करीब 325 अंकों की तेजी के साथ 24,356.50 अंकों पर पहुंच गया था. इससे पहले निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी और आंकड़ा 23,997.90 अंकों पर दिखाई दिया. उसके बाद से निफ्टी में 358.6 अंकों की तेजी देखने को मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी में और तेजी देखने को मिल सकती है.
शेयर बाजार में तेजी के मुख्य कारण
- USईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीदें: Axios की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक शुरुआती समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, जिससे चल रहा संघर्ष खत्म हो सकता है और व्यापक परमाणु बातचीत के लिए जमीन तैयार हो सकती है. बैंक शेयरों में जोरदार खरीदारी: ईरान संघर्ष से प्रभावित व्यवसायों को मदद देने के लिए सरकार द्वारा क्रेडिट गारंटी योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई. बैंक निफ्टी 1 फीसदी तक बढ़कर 56,000 के आंकड़े को पार कर गया, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2.37 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.8 प्रतिशत की बढ़त हुई.
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई. ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत गिरकर लगभग 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि इस हफ्ते की शुरुआत में यह 115 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था. कच्चे तेल की कम कीमतों को इक्विटी बाज़ारों और घरेलू मुद्रा के लिए सहायक माना जाता है.
- मजबूत ग्लोबल संकेत: एशियाई बाजार, जिनमें दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग शामिल हैं, तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि मंगलवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए.
- इंडिया विक्स में गिरावट: बाजार की अस्थिरता का सूचक इंडिया विक्स, 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 17 पर आ गया. यह निवेशकों की चिंताओं में कमी और जोखिम लेने की क्षमता में सुधार का संकेत है.
- रुपए में मजबूती: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भूराजनीतिक तनाव में कमी के चलते, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे मज़बूत होकर 94.95 पर पहुंच गया. इससे पहले लगातार दो दिनों तक डॉलर के मुकाबले रुपया 95 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.
निवेशकों को मोटा फायदा
शेयर बाजार निवेशकों का नुकसान और फायदा बीएसई के मार्केट कैप पर डिपेंड करता है. बुधवार को जब सेंसेक्स दिन के लोअर लेवल पर था, तब बीएसई का मार्केट कैप 46,566,167.33 करोड़ रुपए पर देखने को मिला था. उसके बाद करीब 130 मिनट में सेंसेक्स दिन के पीक पर दिखाई दिया और बीएसई का मार्केट कैप 47,309,021.28 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप में 130 मिनट मिनट में 742,853.95 करोड़ रुपए का इजाफा हो गया. यही शेयर बाजार निवेशकों की कमाई है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अगर इजाफा इसी तरह से जारी रहा तो बीएसई का मार्केट कैप एक बार फिर से 5 ट्रिलियन डॉलर के लेवल पर पहुंच जाएगा. मौजूदा समय में यह आंकड़ा 4.97 ट्रिलियन डॉलर पर है.





