Operation Sindoor Anniversary: आतंकी ठिकाने से एयरबेस तक, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने क्या-क्या खोया?

Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की आज यानी 7 मई को पहली वर्षगांठ है. भारतीय सेना ने यह ऑपरेशन साल 2025 में चार दिन यानी 7 से 10 मई तक चलाया था. पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने यह कार्रवाई की थी. इस हमले में 26 पर्यटकों को आतंकियों ने गोलियों से भून दिया था. इसी कुत्सित हमले का जवाब देने को भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर लांच किया था. भारत का लक्ष्य आतंकी ढांचों को नेस्तनाबूत करना था और उसी पर सुरक्षा बलों ने लगातार प्रहार किए.

Operation Sindoor Anniversary: आतंकी ठिकाने से एयरबेस तक, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने क्या-क्या खोया?

आइए, पहली वर्षगांठ के मौके पर एक बार फिर से जानने की कोशिश करते हैं कि में पाकिस्तान ने क्याक्या खोया? एयरबेस, रडार, लड़ाकू विमान, आतंकवादी अड्डे और आतंकी भी? कितनी जनहानि हुई?

पाकिस्तान ने क्याक्या खोया?

पाकिस्तान ने क्याक्या खोया, यह जानकारी खुले स्रोतों में स्पष्ट उल्लेख किया गया है. लेकिन मारे गए आतंकियों की पूरी सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं दिखाई देती. पाकिस्तानी डोजियर के हिसाब से पंजाब प्रांत के रावलपिंडी, लाहौर, मियांवाली, सरगोधा, डिंगा, सिंध प्रांत के कराची, हैदराबाद, बलूचिस्तान के क्वेटा, तुर्बत एवं ग्वादर, खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर एवं डेरा इस्माइल खान तथा गिलगितबाल्टिस्तान के स्कार्दू पर हमले किये गए थे. लेकिन इन स्थानों पर कितना नुकसान हुआ, इसका स्पष्ट उल्लेख कम ही मिलता है. डोजियर में टारगेट और नुकसान पर अक्सर अलग बातें होती हैं.

पाकिस्तान के मुज़फ़्फ़राबाद के पास हमले के बाद की तस्वीर. फोटो: AP

कौनकौन से एयरबेस पर हुआ हमला?

मीडिया रिपोर्ट्स एवं अन्य पाकिस्तानी स्रोतों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान करीब दर्जन भर एयरबेस पर भारतीय सेना ने हमले किये थे, इनमें नूर खान, रफीकी, मुरिद, सुक्कर, सियालकोट, पसूर, चूनियां, सरगोढ़ा, स्कार्दू, भोलारी और जैकबाबाद मुख्य रूप से शामिल हैं. इसके अलावा चकलाला और राहिम यार खान एयरपोर्ट भी हमले का शिकार हुआ. डोजियर में यह भी दावा दिखता है कि मसरूर एयरबेस, समुंगली एयरबेस को भी भारतीय सेना ने निशाना.

पाकिस्तान में चीनी रडार और एयर डिफेंस को कितना हुआ नुकसान?

यह मामला थोड़ा टिपिकल है. ज्यादातर दावों पर आधारित है. बहुत ठोस चीजें उपलब्ध नहीं हैं. मसलन, भारत ने शुरुआती हमलों में पाकिस्तान में तैनात चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को जाम करने की बात कही थी. मीडिया रिपोर्ट्स में चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने का भी दावा किया गया है. पसूर में रडार इंस्टॉलेशन, लाहौर में एयर डिफेंस सिस्टम के तबाह होने की जानकारी मिलती है. समय पूर्व चेतावनी देने वाले रडार भी कई जगह नष्ट किये गए. इस मामले में एकदम स्पष्ट सूची खुले स्रोतों में उपलब्ध नहीं दिखती है.

पाकिस्तान के मुरीदके में भारतीय मिसाइल के हमले के बाद का हाल. फोटो: AP

लड़ाकू विमानों को कितना नुकसान पहुंचा?

यह विषय भी विवादित और अलगअलग दावों के साथ है. नूर खान एयरबेस पर हमले में एक सी130 विमान के नुकसान का स्पष्ट उल्लेख मिलता है. भोलारी बेस पर भी कुछ विमानों के साथ ही रडार सिस्टम के डैमेज होने और बाद में रिपेयर होने का उल्लेख मिलता है. इस ऑपरेशन में कम से कम पांच पाकिस्तानी जेट और एक अर्ली वॉर्निंग विमान मार गिराने की जानकारी भी उपलब्ध है लेकिन पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से ऐसी कोई सूची खुले स्रोतों में नहीं मिलती.

भारत का दावा है कि शुरुआती हमलों में कम से कम सौ से ज्यादा आतंकी मारे गए. फोटो: AP

ऑपरेशन सिंदूर में कितनी जानें गईं?

पाकिस्तान सरकार ने कुल 40 नागरिकों तथा 13 सैन्य कर्मियों के मारे जाने को स्वीकार किया है, जो सच से अलग दिखाई देते हैं. पूरी दुनिया मानती है कि इन हमलों में पाकिस्तान को ज्यादा जनहानि हुई है. 10 मई के हमलों में आधा दर्जन एयरमैन मारे जाने की पुष्टि का भी स्पष्ट उल्लेख मिलता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। भारत का दावा है कि शुरुआती हमलों में कम से कम सौ से ज्यादा आतंकी मारे गए लेकिन पाकिस्तान ने आतंकवादियों की मौत तो छोड़िए, उनकी मौजूदगी से ही लगातार इनकार किया.

शांत, तीव्र और निर्णायक।

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— ADG PI – INDIAN ARMY May 1, 2026

कौनकौन आतंकी मरे?

चूंकि, पाकिस्तान ने आतंकियों की मौजूदगी से ही इनकार किया है. ऐसे में इस मामले में मीडिया रिपोर्ट्स में जो दावे हैं, वही उपलब्ध हैं. कोई आधिकारिक सूची नहीं उपलब्ध है. फिर भी अब्दुल रऊफ अज़हर का नाम मरने वालों में प्रमुखता से लिया गया लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई. आतंकी मसूद अज़हर के परिवार के कम से कम दस सदस्यों और चार करीबी सहयोगियों के मारे जाने की बात भी सामने आई.

भारत के हमलों में आतंकी मसूद अज़हर के परिवार और सहयोगियों के मारे जाने की बात भी सामने आई थी. फोटो: AP

कौनकौन से आतंकी ठिकाने खत्म किये?

इस मामले में तस्वीर थोड़ी ज्यादा साफसाफ मिलती है. बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, मुज़फ्फराबाद, शवाई नाला कैंप, गुलपुर, बरनाला तथा सियालकोट के कुछ साइट्स को भारतीय सेना ने नेस्तनाबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. कह सकते हैं कि इनके पूरे के पूरे ढांचे तबाह किये. पाकिस्तान सरकार माने या न माने, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आतंकी और उनके ठिकाने ध्वस्त हुए थे. इस मुद्दे पर किसी को शक नहीं होना चाहिए.

ऑपरेशन सिंदूर को एक साल हो गया. अब बहस का केंद्र सिर्फ स्ट्राइक नहीं है. केंद्र यह भी है कि डेटा कितना पुष्ट है और कितना प्रचार है. खुले स्रोतों में सबसे मजबूत चीज टारगेट की सूची दिखती है. एयरबेस के नाम भी कई जगह दोहराए जाते हैं. रडार और चीनी सिस्टम पर असर की बातें भी मिलती हैं. पर, मॉडलवार चीनी रडार की पूरी सूची नहीं मिलती. लड़ाकू विमानों का नुकसान भी एक जैसा नहीं मिलता.

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