हिंदू धर्म और भारतीय परंपरा में शादीशुदा बेटियों को घर से खाली हाथ नहीं भेजा जाता है. बल्कि बेटीदामाद को तोहफे दिए जाते हैं. इसमें मांबाप आमतौर पर कपड़े, पैसे, घरगृहस्थी के सामान देते हैं. लेकिन कई बार अनजाने में बेटियां मांबाप के घर से ऐसी चीजें ले आती हैं, जो उनके मायके और ससुराल दोनों को नुकसान देती हैं.

लिहाजा मायके से आते समय कभी भी वो चीजें न लाएं, जिनकी वास्तु और ज्योतिष में मनाही की गई है. वरना मायकेससुराल के रिश्तों में खटास आती है. दोनों घरो में गरीबी और नकारात्मकता बढ़ती है.
मायके से न लाएं ये चीजें
शादीशुदा महिलाओं को अपने मायके से कुछ चीजें कभी नहीं लानी चाहिए. जानिए ये कौनसी चीजें है और इन्हें लाना क्यों वर्जित है.
अचार/झाड़ू: शादीशुदा बेटियों को मायके से खट्टी चीजें जैसे अचार नहीं लाना चाहिए. ना ही झाड़ू या साफसफाई की चीजें लाना चाहिए. इससे ससुराल में उनके रिश्ते बिगड़ते हैं.
लोहे और कांच का सामान: लोहे की चीजों पर शनि का और कांच के सामान पर राहु का प्रभाव रहता है. शादीशुदा महिलाएं मांबाप के घर से ये चीजें तोहफे में न लाएं. इससे शनिराहु उनके दांपत्य जीवन पर बुरा असर डालने लगते हैं. यदि लाना जरूरी हो तो पैसे देकर बाजार से खरीदकर लाएं.
चाकू, छुरी या धारदार चीजें : शादीशुदा महिलाएं मायके से चाकू, छुरी, कैंची जैसी धारदार चीजें न लाएं. इससे ससुराल में गरीबी बढ़ती है. पति की तरक्की में रुकावट आती है.
कुलदेवीदेवताओं का प्रसाद : हिंदू धर्म में विवाह के बाद बेटियों को मायके की कुलदेवी या कुलदेवता का प्रसाद खाना वर्जित किया गया है. लिहाजा कभी भी वह प्रसाद न तो ग्रहण करें और ना ही ससुराल ले जाएं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इससे दोनों घरों पर संकट आ सकता है. साथ ही वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती हैं.
गैस चूल्हा : अग्नि तत्व से संबंधित चूल्हा भी मायके से न लाएं. ऐसा करना विवाहित जीवन पर अशुभ असर डालता है. शादी के दहेज में भी चूल्हा देने की मनाही की गई है.
यदि कोई सामान लाना बेहद जरूरी हो तो उसे पैसे देकर खरीदकर लाएं, तोहफे में न लें. बाकी ये बातें ज्योतिषीय धारणाओं को परंपराओं के आधार पर बताई गई हैं.





