रतन टाटा ट्रस्ट की बोर्ड मीटिंग आज, बॉम्बे हाई कोर्ट ने रोक लगाने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया था इनकार​

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को सर रतन टाटा ट्रस्ट की 8 मई को प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की अनुरोध वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया गया था। इसमें ट्रस्ट की शुक्रवार को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को अवकाशकालीन पीठ के समक्ष याचिका दायर करने की छूट दी।

रतन टाटा ट्रस्ट की बोर्ड मीटिंग आज, बॉम्बे हाई कोर्ट ने रोक लगाने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया था इनकार​

शनिवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए बंद हो रहा है बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट शनिवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए बंद हो रहा है। ये याचिका ठाणे निवासी 61 वर्षीय सुरेश पाटिलखेड़े ने दायर की है। इसमें ट्रस्ट के ट्रस्टी को प्रस्तावित बैठक में किसी भी फैसले को पारित या लागू करने से रोकने की भी मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये प्रतिष्ठित सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट महाराष्ट्र सार्वजनिक ट्रस्ट अधिनियम में 2025 में किए गए संशोधन का उल्लंघन कर रहा है, जिसमें ‘आजीवन ट्रस्टी’ की संख्या पर सीमा तय की गई है।

‘आजीवन ट्रस्टी’ के रूप में कार्यरत हैं तीन ट्रस्टी 

संशोधन के अनुसार, यदि ट्रस्ट के मूल दस्तावेज स्थायी या आजीवन ट्रस्टी की अनुमति नहीं देते हैं, तो ऐसे ट्रस्टी की संख्या कुल सदस्यों के एकचौथाई से ज्यादा नहीं हो सकती। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। याचिका के मुताबिक, इस ट्रस्ट में कुल 6 ट्रस्टी हैं, जिनमें जिम्मी नवल टाटा, जहांगीर एच सी जहांगीर, नोएल नवल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह और डेरियस खम्बाटा शामिल हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, इनमें से तीन ट्रस्टी ‘आजीवन ट्रस्टी’ के रूप में कार्यरत हैं, जो कानून में निर्धारित सीमा के विपरीत है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करने के बाद सर रतन टाटा ट्रस्ट की प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग का रास्ता साफ हो गया है। ये अहम मीटिंग आज मुंबई में होनी है।

Leave a Reply