पहाड़ों की यात्रा करने वालों में अब ट्रैकिंग को पसंद करने लगे हैं. ये भारत में सोलो ट्रैवलिंग का बेस्ट ट्रेंड है. पर ज्यादातर लोगों में ये कंफ्यूजन रहती है कि ट्रैकिंग और कैंपिंग में काफी खर्च आता है. इसलिए अधिकतर इसे नजरअंदाज करते हैं. वैले देश में कई ऐसे ट्रैक हैं जिन्हें कम पैसे में आसानी से कंप्लीट किया जा सकता है. ट्रैकिंग के दौरान नेचर को करीब से जानने का मौका मिलता है क्योंकि इस दौरान हम पहाड़ी इलाकों या जंगलों के बीच से पैदल निकलते हैं. बीच में अगर नदी या झील आ जाए तो ये नजारा न सिर्फ दिल को छूता है बल्कि दिमाग को शांत भी कर देता है.

क्या आप भी इस गर्मी वाले मौसम में पहाड़ों की ठंड को अलग अंदाज में एंजॉय करना चाहते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको भारत के एक सबसे पॉपुलर ट्रैक के बारे में बताएंगे जहां आप सस्ते में ट्रैकिंग कर सकते हैं. साथ ही किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ये भी जानें….
ट्रैकिंग करना क्यों हुआ इतना सस्ता
एक समय था जब पहाड़ों पर ट्रैवलिंग, ट्रैकिंग या दूसरे एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए हजारों रुपये लगते थे. लेकिन सोशल मीडिया और कंपटीशन की वजह से ट्रैवलिंग का तरीका काफी सस्ता हो गया है. अब कई ऐसे मार्केटिंग प्लेटफॉर्म आ गए हैं जो सिर्फ 5 से 6 हजार में रहनाखाना और कई चीजों की सुविधा देते हैं.
आज कस्टमर तक पहुंचना आसान हो गया है इसलिए सस्ती सर्विस आसानी से मिल जाती हैं. आज कश्मीर से उत्तराखंडहिमाचल तक यानी अमूमन हर जगह छोटी और बड़ी ट्रैकिंग के लिए ऑर्गेनाइजेशन ओपन हो गए हैं. इस वजह से कंपटीशन इस कदर बढ़ा हुआ है कि टूरिस्ट को ज्यादा फायदा होता है. चलिए आपको ऐसे ही एक ट्रैक के बारे में बताते हैं…
खीरगंगा ट्रैक, हिमाचल
हिमाचल के खीरगंगा को ट्रैकिंग के लिहाज से बहुत पसंद किया जाता है. आपका खर्च वैसे आपकी पसंद और बजट पर तय करता है लेकिन एवरेज किया जाए तो इस ट्रैक को 5 से 7 हजार में पूरा किया जा सकता है. ये इस पर भी डिपेंड करता है आप दिल्ली से यहां जा रहे हैं या फिर चंडीगढ़ से. चलिए आपको बताते हैं इसके एक रियलिस्टिक खर्च के बारे में…
दिल्ली टू खीरगंगा ट्रैकिंग
इसके लिए आपको दिल्ली से कसोल या भुंतर की बस लेनी होगी. नॉर्मल बस के लिए 800 से 1000 लगते हैं अगर वोल्वो या एसी बस लेते हैं तो इसके लिए 1200 से 1500 रुपये तक देने पड़ते हैं. आने जाने के बुकिंग 1500 से 2800 तक बैठ जाती है.
कसोल से बरशैणी
कसोल एक पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट है यहां पहुंचने के बाद ही खीरगंगा ट्रैक की शुरुआत होती है. इसकी दूरी 12 से 16 किलोमीटर है. आप यहां से लोकल बस , शेयरिंग टैक्सी , और प्राइवेट टैक्सी 500 से 2000 में होती है. ट्रैक के लिए परमिट या फीस 100 प्रति व्यक्ति लगती है.
रहने के लिए खर्चा
बजट में ट्रैवलिंग करना चाहते हैं तो इसके लिए होस्टल ले सकते हैं जिसके एक दिन के 400 से 800 चुकाने पड़ते हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मिड रेंज की बात करें तो रिवरसाइड रूम के 1200 से 2500 तक लगते हैं.
खीरगंगा टॉप पर स्टे
बताया जाता है कि परमानेंट कैंपिंग बंद है इसलिए लोग नाथन, कलगा या पुलाग में होमस्टे में ठहर सकते हैं. इसके करीब 700 से 1500 रुपये का खर्च आता है. रात का औसत किराया 1000 से 3000 रुपये है.
खानेपीने का खर्च
ब्रेकफास्ट , कैफे फूड . पूरे ट्रिप पर फूड के लिए खर्च होने वाले पैसों का एवरेज लगाए तो इसके लिए 600 से 1500 लगते हैं. पूरा खर्च देखें तो 5 से 7 हजार आता है. कंफर्टेबल ट्रिप करना चाहते हैं 7 से 12 हजार रुपये. वैसे कई कंपनीज हैं जो 4000 से 7000 के बीच ट्रैकिंग का पैकेज देती हैं. इसका फायदा है कि इसमें रहनाखाना सब शामिल होता है. बजट में ट्रैकिंग करना चाहते हैं तो HRTC बस से यात्रा, होस्टल में रुकना, शेयर टैक्सी लेना, अपने स्नैक्स और पानी ले जाना और ग्रूप में ट्रैवल करना चाहिए.





