आशीर्वाद आटा और सनफीस्ट बिस्किट बनाने वाली दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है. दशकों तक मुख्य रूप से सिगरेट के कारोबार से अपनी पहचान बनाने वाली यह कंपनी अब देशवासियों की सेहत पर बड़ा दांव लगा रही है. कोलकाता के मशहूर चौरंगी रोड स्थित कंपनी के मुख्यालय ‘वर्जिनिया हाउस’ में दिए एक खास इंटरव्यू में चेयरमैन तथा मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पुरी ने साफ किया कि उनका अगला लक्ष्य लोगों की थाली में प्रोटीन तथा फाइबर से भरपूर चीजें पहुंचाना है. कंपनी का फोकस अब उन लोगों पर है जो पहली बार पैकेज्ड फूड खरीद रहे हैं, साथ ही उन शहरी ग्राहकों पर भी जो वजन कम करने वाली दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और जिन्हें ज्यादा पोषण की जरूरत है.

सेहत के बाजार में उतरने की वजह

भारत में प्रति व्यक्ति खपत अभी भी काफी कम है, लेकिन बाजार तेजी से बदल रहा है. ओजेम्पिक जैसी वजन कम करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों को अपनी मांसपेशियां बचाए रखने के लिए ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है. कंपनी इसी जरूरत को भुनाना चाहती है. संजीव पुरी के मुताबिक, भारत में प्रोटीन की भारी कमी है. इसे दूर करने के लिए कंपनी हाईप्रोटीन आटा, सोया चंक्स तथा प्रोटीन शेक जैसे उत्पाद बाजार में उतार चुकी है. योगा बार जैसे ब्रांड्स के जरिए इस पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार किया जा रहा है. खुद पुरी ने हाल ही में अपना छह किलो वजन कम किया है. वह अब घर का बना खाना ही पसंद करते हैं, यहां तक कि लंबी उड़ानों में भी अपना खाना साथ ले जाते हैं.

सिगरेट के मुनाफे से चलेगी नई रणनीति

भले ही आईटीसी पर्सनल केयर, कृषि, पेपरबोर्ड और होटलों के कारोबार में तेजी से पैर पसार रही हो, लेकिन कंपनी की कमाई का मुख्य जरिया आज भी सिगरेट ही है. वित्त वर्ष 202526 के आंकड़ों पर गौर करें तो कंपनी के कुल टर्नओवर में सिगरेट की हिस्सेदारी 41 फीसदी रही है. हालांकि, मुनाफे के मामले में यह आंकड़ा 82 फीसदी है. हाल ही में टैक्स में हुई भारी बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी एक साथ कीमतें बढ़ाने के बजाय धीरेधीरे दाम बढ़ा रही है ताकि अवैध व्यापार का असर कारोबार पर न पड़े. संजीव पुरी का साफ कहना है कि उनका अंतिम लक्ष्य सिगरेट के बिना भी देश की नंबर वन एफएमसीजी कंपनी बनना है.

अर्थव्यवस्था पर मंदी का असर बेअसर

बाजार में मंदी की सुगबुगाहट के बीच आईटीसी के चेयरमैन का मानना है कि भारत में फिलहाल कंज्यूमर स्पेंडिंग में कोई कमी नहीं दिख रही है. वैश्विक अनिश्चितताओं तथा महंगाई के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है. सरकार के टैक्स राहत कदमों, बुनियादी ढांचे पर खर्च तथा बढ़ते ग्रामीण निवेश ने बाजार को थामे रखा है. हालांकि, अल नीनो जैसे मौसम संबंधी जोखिमों को लेकर कंपनी जरूर सतर्क है.

भविष्य की तैयारी पर भारीभरकम निवेश

मांग को देखते हुए आईटीसी ने एक आक्रामक रणनीति तैयार की है. कंपनी मीडियम टर्म में होटल, मैन्युफैक्चरिंग तथा कंज्यूमर प्रोडक्ट कारोबार में करीब 20,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रही है. ताजे खाने का कारोबार इसका एक अहम हिस्सा है, जो शुरुआत से ही सालाना 100 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. मौजूदा समय में पांच शहरों में इसके 70 किचन चल रहे हैं, जिसे अब उत्तर भारत में भी फैलाने की तैयारी है. इसके अलावा निर्यात पर भी खास जोर है. पिछले छह सालों में कंपनी का कुल निर्यात दोगुना हो चुका है. बेहतर सप्लाई चेन और प्रीमियम उत्पादों के दम पर कंपनी का मुनाफा मार्जिन भी सुधरा है और आगे हर साल इसमें 80 से 100 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है.