देहरादून से गाजियाबाद की यात्रा के दौरान नंदा देवी एक्सप्रेस से रहस्यमयी तरीके से लापता हुईं प्रज्ञा सिंह को 6 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बरामद कर लिया गया है. उत्तर रेलवे ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पहला आधिकारिक बयान जारी करते हुए मामले की पूरी कड़ियां स्पष्ट की हैं. सोमवार दोपहर को रेलवे पुलिस ने प्रज्ञा को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से उनके परिवार को सौंप दिया.

उत्तर रेलवे द्वारा जारी बयान के अनुसार, 5 मई की रात प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ गाड़ी संख्या 12402 में सफर कर रही थीं. हरिद्वार के लक्सर स्टेशन के पास वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं. जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन पहुंची, तब मनीष की आंख खुली और उन्होंने प्रज्ञा को गायब पाया. पूरी ट्रेन और स्टेशन पर तलाश करने के बाद भी जब सुराग नहीं मिला, तो लक्सर जीआरपी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
रेलवे और पुलिस की सक्रियता
मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय और उत्तर रेलवे प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया. उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है. जीआरपी लक्सर और रेलवे की टेक्निकल टीमों ने तत्काल तकनीकी ट्रैकिंग और विभिन्न स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी शुरू कर दी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, लक्सर से मुजफ्फरनगर के बीच कुछ स्थानों पर कैमरों की खराब स्थिति ने जांच में बाधा भी उत्पन्न की.
6 दिन बाद बिहार में खुला राज
पुलिस और खुफिया एजेंसियां प्रज्ञा की तलाश में उत्तराखंड से लेकर यूपी तक छापेमारी कर रही थीं और परिवार किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ था. लेकिन 11 मई को यह मामला तब सुलझा जब प्रज्ञा ने खुद बेगूसराय से अपनी माँ को फोन कर अपनी लोकेशन बताई.
पूछताछ में सामने आई वजह
पुलिस पूछताछ में प्रज्ञा ने बताया कि ट्रेन में उनका अपने पति से किसी बात पर झगड़ा हो गया था. जब मनीष सो गए, तो वह गुस्से में चुपचाप ट्रेन से उतर गईं और बिना टिकट बिहार जाने वाली दूसरी ट्रेन पकड़ ली. वह बेगूसराय पहुंचकर अपनी मौसी के घर चली गई थीं.
रेलवे ने की यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने इस सुखद अंत पर संतोष व्यक्त किया है. हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, “हमारी टीमों ने दिनरात काम किया ताकि यात्री को सुरक्षित वापस लाया जा सके.” रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति, झगड़े या संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें.
यह मामला न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने पारिवारिक विवादों के चलते यात्रा के दौरान होने वाली घटनाओं की ओर भी ध्यान खींचा है. फिलहाल, प्रज्ञा सिंह अपने परिवार के साथ सकुशल गाजियाबाद लौट आई हैं.





