बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष तमीम इकबाल ने देश के क्रिकेट सिस्टम की बदहाल तस्वीर दुनिया के सामने रखी है। तमीम इकबाल ने दावा किया कि घरेलू क्रिकेट में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की वजह से कई खिलाड़ियों की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें रिक्शा चलाने और पानीपुरी बेचने तक के लिए मजबूर होना पड़ा।

तमीम इकबाल ने यह भी माना कि टी20 वर्ल्ड कप विवाद के दौरान भारत और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ रिश्ते खराब करना बड़ी गलती थी। तमीम इकबाल का कहना है कि अब बांग्लादेश क्रिकेट को फिर से पटरी पर लाने और भारत के साथ संबंध सुधारने की जरूरत है।
बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन में पिछले कुछ समय में तमीम इकबाल का अचानक से कद बढ़ा है। मुस्तफिजुर रहमान को से बाहर किये जाने के बाद उन्हें ‘भारतीय एजेंट’ का तमगा दिया गया था। हालांकि, अब वह बीसीबी के अंतरिम अध्यक्ष हैं और क्रिकेट की दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के साथ अपने संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने जब T20 विश्व कप के मैचों को भारत से बाहर कराने की बांग्लादेश की मांग मानने से इनकार कर दी थी तब वह टूर्नामेंट से हट गया था। अब बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद तमीम इकबाल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह देश के क्रिकेट को दोनों ही स्तरों पर फिर से पटरी पर लाने की क्या योजना बना रहे हैं।
सवाल: BCB और BCCI के बीच के संबंधों को सुधारने के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं, क्योंकि ये संबंध तो लगभग टूट ही चुके थे?
तमीम इकबाल: जब वर्ल्ड कप का मामला सामने आया था, तो शायद मैं ही पहला व्यक्ति था जिसने इस पर आवाज उठाई थी। जो कुछ भी हुआ और ) के पिछले पदाधिकारियों ने जिस तरह से उसे हैंडल किया, वह सही नहीं था। ICC का रवैया थोड़ा नरम था। इस समस्या का कोई हल निकालने की गुंजाइश भी थी। हमें वह हल जरूर निकालना चाहिए था।
मैं आपको 199697 के दौर में ले जाता हूं। तब हमने केन्या के खिलाफ ICC ट्रॉफी जीतने के लिए जबरदस्त लड़ाई लड़ी थी, सिर्फ इसलिए ताकि हम वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करें। उस जीत के बाद मेरे घर में चारों तरफ रंगबिरंगा पानी ही पानी दिख रहा था। लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे थे। उस जश्न ने ही बच्चों को क्रिकेट की दुनिया से जोड़ा। हर कोई मिन्हाजुल आबेदीन नन्नू, खालिद मशूद या अकरम खान जैसा बनना चाहता था।
इस बार हमने क्या किया? हमने बिना किसी उचित बातचीत के ही वर्ल्ड कप का मौका गंवा दिया। हो सकता है कि उस टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हों, जिन्हें शायद अब दोबारा कभी विश्व कप खेलने का मौका ही न मिले। यह बात मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी। की बात करूं तो मैंने मिथुन मन्हास के साथ काफी क्रिकेट खेला है। मिथुन मन्हास BCCI के मौजूदा अध्यक्ष हैं।
IPL में हम दोनों एक ही टीम में थे। वह ढाका लीग्स में खेलने के लिए कई बार बांग्लादेश आ चुके हैं। हमारे बीच काफी अच्छा तालमेल है। मुझे बीसीबी के अंतरिम अध्यक्ष होने की हैसियत से अब तक उनके साथ बैठकर बात करने का मौका तो नहीं मिला है, लेकिन मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं। इस समय हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था एकदम बेहतरीन है। यहां किसी भी तरह की कोई समस्या या सुरक्षा का कोई ख़तरा नहीं है।
वैसे भी, भारतीय क्रिकेट टीम के लिए तो यहां कभी कोई खतरा रहा ही नहीं है। भारत जब भी यहां खेलने आता है तो पूरा स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भर जाता है। लोगों को दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद पसंद आता है। मुझे निजी तौर पर ऐसा नहीं लगता कि अब BCB और BCCI के बीच कोई भी गंभीर मतभेद या समस्याएं हैं। एक सीरीज का आयोजन, दोनों बोर्डों के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने की दिशा में बेहतरीन कदम साबित होगा।
सवाल: विवाद के दौरान पाकिस्तान ने एकजुटता दिखाने की बातें कीं। उसने 2026 टी20 विश्व कप का बहिष्कार करने की धमकी भी दी थी। क्या यह सचमुच था या सिर्फ राजनीति?
तमीम इकबाल: इस पर टिप्पणी करना मेरे लिए मुश्किल है। मैं उस मुख्य समूह का हिस्सा नहीं था। मैं बस इतना कहूंगा: जो कुछ भी हुआ, हमने विश्व कप खेलने का मौका गंवा दिया। हमारे कुछ खिलाड़ियों को शायद फिर कभी ऐसा मौका न मिले। मेरे लिए यही सबसे बड़ी बात है।
ICC चेयरमैन जय शाह के बारे में: मुझे अब तक इस भूमिका में उनसे मिलने का मौका नहीं मिला, पर मैं कई भारतीय क्रिकेटरों को जानता हूं और मैंने उनके बारे में अच्छी बातें ही सुनी हैं। मैंने हमेशा ICC को परिवार माना है। जब मैं खिलाड़ी था तब भी और अब भी। इसमें 1215 देश हैं। हमें एकदूसरे का ख्याल रखना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि जिन टीमों की हम बात कर रहे हैं, वे हमारा बुरा चाहती हैं। क्रिकेट को क्रिकेट ही रहना चाहिए।
सवाल: आपने कहा, ‘‘मुझे सब कुछ जानने की जरूरत नहीं है। जो भी इस पद पर बैठता है, उसे लगता है कि वह सब कुछ जानता है।’’ क्या आप इसी सोच के साथ आए थे?
तमीम इकबाल: मैं क्रिकेट बैकग्राउंड से हूं और हमेशा इस पहलू को ज्यादातर लोगों से बेहतर समझूंगा। हालांकि, इस समिति में ऐसे लोग भी हैं जो फाइनेंस, टेंडर और प्रोक्योरमेंट के मामलों में ज्यादा माहिर हैं। आपको उन लोगों का इस्तेमाल करना होगा। क्रिकेट बोर्ड चलाने के लिए आपको एक मिक्स की जरूरत होती है। यह सिर्फ क्रिकेट के बारे में नहीं है।
यह वित्त, प्रायोजक, विपणन और ब्रांडिंग के बारे में भी है। बाकी सब चीजों के लिए आपके पास एक CEO होता है। मैंने यह खेल इतने लंबे समय तक खेला है कि मैं समझ सकता हूं कि बांग्लादेश में क्रिकेट को किस चीज की जरूरत है। इसे बहुत सारे बदलावों, बहुत सारे विकास और सोच में बहुत बदलावों की जरूरत है। मैं सिर्फ उसी पर फोकस कर रहा हूं।
सवाल: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बैंक खाते में 13 सौ करोड़ रुपये जमा हैं। आपने कहा है कि यह पैसा यूं ही बेकार नहीं पड़ा रहना चाहिए।
तमीम इकबाल: बिल्कुल। मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाड़ी भारत, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों से मुकाबला करें। बदले में मैंने अपने खिलाड़ियों को क्या दिया है? मुझे ऐसा नहीं लगता कि यदि मैं उन्हें सबसे बेहतरीन सुविधाएं नहीं दे रहा हूं, जिन्हें देने में हम सक्षम हैं तो उनसे वैसी उम्मीद करना सही है, जैसी हम कर रहे हैं?
आईसीसी हमें इसलिए फंड नहीं देता कि हम उसको फिक्स्ड डिपॉजिट कर दें। प्रायोजक भी हमें इस काम के लिए पैसे नहीं देते। इस पैसे का इस्तेमाल खेल के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में होना चाहिए यानी खेल में सही मायने में निवेश होना चाहिए। कम से कम आपको खिलाड़ियों की एक मजबूत ‘पाइपलाइन’ और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तो तैयार करना ही चाहिए। उसके बाद बाकी सब कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर करता है।
सवाल: सिस्टम में आने से पहले आपने कहा था कि आप एक ऐसे कानून के लिए जोर देंगे जिसके तहत खेल सट्टेबाजी में पकड़े गए किसी भी व्यक्ति को 10 साल की जेल होनी चाहिए। अब जब आप सिस्टम में हैं। क्या आपको अब भी लगता है कि ऐसा मुमकिन है?
तमीम इकबाल: मुझे लगता है कि यह मुमकिन है। संसद के स्पीकर टेस्ट मैच देखने आए थे। मैंने उनके सामने यह मुद्दा उठाया। मैंने खेल मंत्री और गृह मंत्री से भी बात की है। मैं चाहता हूं कि सिर्फ पर ही नहीं, बल्कि खेल में होने वाले भ्रष्टाचार पर एक कानून बने। अभी भ्रष्ट लोगों को पता है कि अगर वे पकड़े भी जाते हैं, तो ज्यादा से ज्यादा उन पर प्रतिबंध लगेगा।
उनके दिल में यह डर होना चाहिए कि अगर वे पकड़े गए तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। भ्रष्टाचार की समस्या पूरी तरह से खत्म तो नहीं होगी, लेकिन इसमें काफी कमी जरूर आएगी। जब हम बच्चे थे और बड़े हो रहे थे तो हमें सिर्फ एक ही बात पता थी खेल कैसे खेलना है, जीतना है, हारना है, रन बनाने हैं और विकेट लेने हैं।
सिर्फ बांग्लादेश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अब बच्चे भी इसमें शामिल हो रहे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि जैसे उन्हें समझाया गया है कि अगर आप कुछ चुराते हैं तो आप गिरफ्तार हो सकते हैं, उसी तरह अगर आप सट्टेबाजी में शामिल होते हैं तो आपको जेल हो सकती है।
सवाल: आखिर एक तदर्थ समिति की क्यों जरूरत पड़ी? बांग्लादेश के बाहर के बहुत से लोग पूरी तरह से नहीं समझते कि असल में हुआ क्या था?
तमीम इकबाल: पिछले चुनाव पूरी तरह से गड़बड़ थे। सात निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया था। बांग्लादेश क्रिकेट काफी हद तक ढाका लीग्स पर निर्भर है। ढाका लीग्स में 4 डिवीजनों में कुल 76 टीमें हैं। इनमें से लगभग 50 टीमों ने हिस्सा लेने से मना कर दिया।
फर्स्ट डिवीजन में 20 में से 8 टीमों ने नहीं खेला। सेकंड डिवीजन में 24 में से 12 टीमें बाहर रहीं। प्रीमियर लीग में 12 में से 9 टीमों ने इसका विरोध किया। थर्ड डिवीजन में 15 टीमों ने आपत्तियां उठाईं। क्रिकेटर्स को उनकी पेमेंट नहीं मिल रही थी।
जिन खिलाड़ियों ने अपनी पूरी जिंदगी इस खेल को समर्पित कर दी, वे सड़क पर आ गए। कोई रिक्शा चला रहा था तो कोई पानीपूरी बेच रहा था। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय खेल परिषद ने दखल दिया। जांच समिति बनाई। डायरेक्टर्स ने बयान दिए। पिछले बोर्ड के कुछ डायरेक्टर्स पर आरोप हैं कि वे कुछ गलत कामों में शामिल थे। हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए थे।
मेरी सोच एकदम सीधी थी। चलो इसे करते हैं या तो यह सफल होगा या फिर असफल। मैं इस असफलता का सामना करने के लिए भी तैयार हूं, क्योंकि कम से कम मैं कुछ बेहतर करने की कोशिश तो कर रहा हूं। मुझे चुनाव कराने के लिए 90 दिन का समय दिया गया था। मैं इसे 60 दिनों में ही पूरा कर दूंगा। हम इस बात का पूरापूरा ध्यान रखेंगे कि विश्व कप के दौरान जो कुछ भी हुआ था, वह दोबारा कभी न हो।
तीन महीने पहले चेतावनी देने वाले तमीम इकबाल को BCB की कमान, बांग्लादेश सरकार ने अमीनुल इस्लाम को हटाया
टी20 वर्ल्ड कप विवाद में संतुलित रुख अपनाने की सलाह देने वाले तमीम इकबाल अब BCB प्रमुख बन गए हैं। 11 सदस्यीय कमेटी अगले 90 दिन में चुनाव कराएगी, ऐसे में सबकी नजर उनके फैसलों पर है।





