केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को देशवासियों को भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में एलपीजी का उत्पादन काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। मौजूदा हालातों के बीच भारत रोजाना 54,000 टन LPG बना रहा है। इससे पहले, देश में रोजाना 35,000 से 36,000 टन एलपीजी का उत्पादन होता था। बताते चलें कि 54,000 टन गैस से 14.2 किलो वाले 38,02,817 घरेलू गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एलपीजी की सप्लाई में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।

भारत के पास कितने दिनों का कच्चा तेल और गैस का भंडार उपलब्ध
हरदीप सिंह पुरी ने भारतीय उद्योग परिसंघ के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में कहा कि देश के पास 69 दिन का कच्चे तेल और एलएनजी के अलावा 45 दिन का एलपीजी भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा, ”पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच एलपीजी उत्पादन को 35,00036,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन किया गया है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील को सतर्कता बरतने के संकेत के रूप में लिया जाना चाहिए और पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न राजकोषीय दबाव को कम करने के उपायों पर विचार शुरू करना चाहिए।
देशवासियों को पश्चिम एशिया संकट के बुरे प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रही है सरकार
बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा था कि सरकार लोगों को पश्चिम एशिया संकट के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा था कि ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, सोने की खरीद टालने तथा विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे कदम उठाने की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
पीएम मोदी ने देशवासियों से की अपील
हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेट्रोलडीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। संकट के बीच विदेशी मुद्रा संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने एक वर्ष के लिए सोने की खरीद और विदेशी यात्राओं को टालने का भी आह्वान किया था।





