‘हीरोइन को नाचना नहीं आता’- जब सरोज खान ने सोनाली बेंद्रे को सिखाने से किया इनकार​

90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे आज भी अपनी खूबसूरती और यादगार फिल्मों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया था।

‘हीरोइन को नाचना नहीं आता’- जब सरोज खान ने सोनाली बेंद्रे को सिखाने से किया इनकार​

सोनाली ने बताया कि फिल्मों में डांस करना उनके लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं था। भले ही पर्दे पर उनके गाने बेहद सहज और खूबसूरत लगते थे, लेकिन असल में हर डांस सीक्वेंस से पहले वह घबराहट और एंग्जायटी से गुजरती थीं।

एक बातचीत के दौरान सोनाली ने कहा कि वह कभी भी ट्रेंड डांसर नहीं रहीं। फिल्मों में गानों की शूटिंग उनके लिए सबसे मुश्किल हिस्सा होता था। उन्होंने बताया कि जब भी किसी फिल्म में डांस नंबर होता था, तो रातभर उन्हें नींद नहीं आती थी क्योंकि उन्हें डर रहता था कि वह स्टेप्स सही तरीके से कर पाएंगी या नहीं। हालांकि उन्हें वे गाने पसंद आते थे जो कहानी का हिस्सा बनकर आते थे, लेकिन जब सिर्फ डांस पर फोकस होता था तो उनकी चिंता बढ़ जाती थी।

सोनाली ने फिल्म ‘इंग्लिश बाबू देसी मेम’ के दौरान का एक किस्सा भी सुनाया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म साइन करते वक्त ही उन्होंने निर्देशक प्रवीन निश्छोल को साफ कह दिया था कि उन्हें डांस नहीं आता। इसके बाद जब फिल्म में मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान की एंट्री हुई, तब हालात और मुश्किल हो गए।

सोनाली के मुताबिक, सरोज खान ने उन्हें देखकर नाराजगी जाहिर की और कहा, ‘हीरोइन को तो नाचना भी नहीं आता।’ इतना कहकर वह सेट छोड़कर चली गईं। सरोज खान का यह रिएक्शन सुनकर सोनाली का आत्मविश्वास बुरी तरह टूट गया।

उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं और खुद को साबित करने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा कि उस घटना के बाद उन्हें लगा जैसे वह इस इंडस्ट्री के लायक ही नहीं हैं। वह खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगी थीं और इम्पोस्टर सिंड्रोम से जूझने लगी थीं।

हालांकि इसी मुश्किल दौर में कोरियोग्राफर अहमद खान उनके लिए सहारा बनकर सामने आए। उस समय अहमद खान, सरोज खान को असिस्ट कर रहे थे। सोनाली ने बताया कि अहमद खान रोज सुबह उन्हें सेट पर ले जाने से पहले रिहर्सल करवाते थे।

वह चॉकलेट देकर उन्हें मोटिवेट करते थे और धीरेधीरे डांस सिखाते थे। उनकी मदद से ही सोनाली ने फिल्म के गानों की शूटिंग पूरी की और धीरेधीरे कैमरे के सामने खुद को सहज बनाना सीखा।

बता दें कि सोनाली बेंद्रे ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने ‘आग’, ‘दिलजले’, ‘डुप्लिकेट’, ‘मेजर साब’, ‘जख्म’, ‘सरफरोश’ और ‘हम साथसाथ हैं’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया और हिंदी के साथसाथ तेलुगु सिनेमा में भी अपनी खास पहचान बनाई।

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