7 KM तक दरिंदे दौड़ाते रहे वाहन, चीखती रही महिला… नांगलोई में फेंककर ड्राइवर-कंडक्टर फरार; दिल्ली से बिहार जाने वाली बस में निर्भया कांड जैसी हैवानियत​

भैया टाइम क्या हुआ है… महिला ने जैसे ही बस के गेट पर खड़े युवक से ये सवाल पूछा, उसने जवाब देने के बजाय महिला को अंदर की ओर खींच लिया. फिर जो हुआ उससे दिल्ली के निर्भया कांड की यादें फिर से ताजा हो गईं. दरअसल, रानी बाग थाना इलाके में एक निजी स्लीपर बस के अंदर 30 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरिंदगी की यह वारदात तब हुई जब बस दिल्ली से बिहार जाने के लिए तैयार हो रही थी. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल बस को भी जब्त कर लिया गया है.

7 KM तक दरिंदे दौड़ाते रहे वाहन, चीखती रही महिला… नांगलोई में फेंककर ड्राइवर-कंडक्टर फरार; दिल्ली से बिहार जाने वाली बस में निर्भया कांड जैसी हैवानियत​

घटना सोमवार देर रात की है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पीड़िता अपना काम खत्म कर रात करीब साढ़े 12 बजे घर लौट रही थी. सरस्वती विहार इलाके में बस स्टैंड के पास एक स्लीपर बस आकर रुकी. महिला ने बस के गेट पर खड़े युवक से सिर्फ समय पूछा था, लेकिन उस दरिंदे ने जवाब देने के बजाय महिला का हाथ पकड़ा और उसे जबरन बस के अंदर खींच लिया. महिला के अंदर जाते ही बस का दरवाजा बंद कर दिया गया और चालक को तेजी से गाड़ी चलाने का इशारा किया गया.

7 किलोमीटर का खौफनाक सफर और दरिंदगी

रानी बाग से नांगलोई मेट्रो स्टेशन की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है. पीड़िता के अनुसार, इन 7 किलोमीटर के सफर के दौरान चलती बस में उसके साथ हैवानियत की गई. बस के ड्राइवर और हेल्पर ने बारीबारी से उसके साथ दुष्कर्म किया. महिला मदद के लिए चीखती रही, लेकिन बंद दरवाजे और तेज रफ्तार बस के भीतर उसकी आवाज घुट कर रह गई. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पीड़िता को नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास सड़क पर फेंक दिया और बस लेकर फरार हो गए.

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

वारदात के बाद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत पुलिस को सूचना दी. दिल्ली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई टीमें गठित कीं. CCTV फुटेज और बस के रूट की जांच के आधार पर पुलिस ने बस की पहचान की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश और रामेंद्र के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. इनमें से एक बस का चालक है और दूसरा हेल्पर है. पुलिस ने बताया कि उन्हें नांगलोई से सवारियां उठानी थी, उसी रास्ते में उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया.

निर्भया कांड जैसा मंजर

इस घटना ने साल 2012 के उस काले अध्याय की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में एक महिला की अस्मत को तारतार किया गया. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत बयान दर्ज करा दिए हैं. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वारदात के समय बस में कोई और भी मौजूद था और क्या यह बस बिना परमिट के चल रही थी.

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