हरियाणा के पानीपत जिले में पारिवारिक कलह से परेशान बुजुर्ग दंपती ने कथित तौर पर जहर खाकर जान दे दी. परिजनों का आरोप है कि बहू और उसके मायके वालों के व्यवहार से दोनों मानसिक रूप से टूट चुके थे.

छोटे-छोटे कपड़े पहनने का चलन हमेशा से बना रहा है और इस पर विवाद भी होते आए है. बेटी हो या बहू हर कोई अपने तरीके से आजादी से रहना चाहता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लेकिन कई पारंपरिक परिवारों में यह मुद्दा घर की शांति बिगाड़ने वाला बन जाता है. जहां एक तरफ लड़कियां अपनी पसंद को व्यक्त करने की बात करती हैं, वहीं बुजुर्ग पीढ़ी इसे संस्कृति और घर की इज्जत से जोड़कर देखती है. यह अंतर पीढ़ी दरार को और गहरा कर रहा है. छोटे कपड़ों का यह कल्चर कई घरों में रोजाना झगड़ों का कारण बन रहा है, जिसके चलते रिश्तों में दरार पड़ रही है और कभी-कभी स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि परिवार टूटने के कगार पर पहुंच जाता है.
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हरियाणा के पानीपत जिले के नारा गांव में एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है. पारिवारिक कलह और रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से तंग आकर एक बुजुर्ग दंपती ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी. मृतकों की पहचान राजेश और उनकी पत्नी सुमन के रूप में हुई है. परिवार वाले आरोप लगा रहे हैं कि उनकी बहू स्नेहा और उसके मायके वालों के दुर्व्यवहार ने इन दोनों को इतना तोड़ दिया कि उन्होंने मौत को ही अपनी परेशानियों का आखिरी समाधान मान लिया.
हाथ उठाती थी बहू
लगभग एक साल पहले राजेश और सुमन ने बड़े सपनों के साथ अपने इकलौते बेटे आशीष की शादी दिल्ली की स्नेहा के साथ तय की थी. शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही घर में तनाव शुरू हो गया. परिजनों के अनुसार, स्नेहा अक्सर छोटे और मॉडर्न कपड़े पहनती थी. जिस पर परिवार वाले ऐतराज जताते थे. उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानती थी. धीरे-धीरे छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ने लगा. इतना ही नहीं स्नेहा को रील्स बनाने का भी शौक था. जब सास-ससुर टोकते तो स्नेहा लड़ाई करती यहां तक ही वह उनपर हाथ तक उठा देती थी.
टूट गए थे मानसिक रूप से
सास-ससुर के साथ बदसलूकी की शिकायतें भी आने लगी. सबसे ज्यादा दुख की बात यह थी कि उनके अपना बेटा आशीष भी इस मामले में माता-पिता का साथ देने की बजाय चुप रहता था. हाल ही में बहू और उसके मायके वालों के साथ हुए एक तेज विवाद के बाद राजेश और सुमन मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए, हताशा में दोनों ने जहर खा लिया. परिवार वालों ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां सुमन की इलाज के दौरान मौत हो गई. राजेश की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर किया गया, लेकिन आज सुबह उन्होंने भी अंतिम सांस ली. पूरे गांव में इस घटना से गहरा मातम छा गया है.





