World Hypertension Day: हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है. यह दिन हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और जुड़ी समस्या के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. हाइपरटेंशन की समस्या तब होती है जब धमनियों में रक्त का दबाव नॉर्मल से ज्यादा होता है. हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज के समय में केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है. पिछले कुछ सालों में 25 से 35 साल के यंग लोगों में स बीमारी के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं.

यंग लोगों में हो रही है हाइपरटेंशन की समस्या
आज के समय में यंग लोगों में हाइपरटेंशन की समस्या देखने को मिल रही है. पिछले कुछ सालों में भारत में 25 से 35 साल के यंग लोगों में हाई बीपी की समस्या देखने को मिल रही हैं. मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. एक्सपर्ट के अनुसार चिंता की बात यह है कि यंग लोगों को पता ही नहीं होता है कि वह हाइपरटेंशन की समस्या का शिकार है. इसी वजह से इस बीमारी को साइलेंटर किलर भी कहा जाता है.
यंग लोगों में क्यों बढ़ रही है हाई बीपी की समस्या
आज की बिजी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी डाइट की वजह से लोगों को ब्लड प्रेशर काफी प्रभावित हो रहा है. लंबे समय तक तनाव, देर रात तक जागना, लंबा स्क्रीन टाइम, जंक फूड्स का अधिक सेवन, स्मोकिंग और शराब का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हाई बीपी की समस्या हो रही है.
तनाव
आज के समय में यंग लोग लंबे समय तक लैपटॉप पर बैठकर काम करते रहते हैं. जिस वजह से उनकी नींद पूरी नहीं होती है. नींद पूरी ना होने की वजह से मानसकि दबाव काफी बढ़ जाता है. जिस वजह से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगते हैं. जिस वजह से हाई बीपी की समस्या हो जाती है.
ब्रेन हेल्थ पर पड़ता है असर
हाई बीपी का सबसे ज्यादा असर ब्रेन हेल्थ पर पड़ता है. लंबे समय तक हाई बीपी की वजह से दिमाग की नसों को काफी नुकसान होता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जिस वजह से ब्रेन क्लॉट, स्ट्रोक, ब्रेन हैमरेज का रिस्क बढ़ जाता है. इसके अलावा याददाश्त भी कमजोर होने लगती है.
हाई बीपी के इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
बारबार सिरदर्द होने की समस्या
आंखों के सामने धुंधलापन
चक्कर आना
दिल की धड़कन तेज होना
अचानक कमजोरी महसूस होना
तनाव और बेचैनी
हाई बीपी से बचाव कैसे करें
आज के समय में किसी भी बीमारी से बचाव के लिए सबसे पहले लाइफस्टाइल में बदलाव करें. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें.
डाइट में नमक और प्रोसेस्ड फूड्स का कम से कम सेवन करें. रोजाना 8 घंटे की नींद लें. तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें. शराब और सिगरेट से दूरी बनाएं. हर 6 महीने में ब्लड प्रेशर की जांच कराएं.





